राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हिमाचल प्रदेश प्रवास के दौरान शिमला एवं आसपास के विभिन्न ऐतिहासिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक तथा प्राकृतिक महत्व के स्थलों का अवलोकन कर उनकी विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की।
प्रवास के दौरान अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा भवन का अवलोकन किया तथा वहां की संसदीय परंपराओं, कार्यप्रणाली एवं विधानसभा परिसर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विधानसभा परिसर में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। इसके उपरांत उन्होंने शिमला की सबसे ऊंची पहाड़ी पर स्थित प्रसिद्ध जाखू हनुमान मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। आध्यात्मिक आस्था का यह प्रमुख केंद्र अपनी विशाल हनुमान प्रतिमा एवं प्राकृतिक सौंदर्य के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। स्पीकर श्री देवनानी ने शिमला के ऐतिहासिक मॉल रोड का अवलोकन किया। उन्होंने यहां स्थित विभिन्न ऐतिहासिक भवनों एवं सार्वजनिक स्थलों की जानकारी प्राप्त की।
स्पीकर अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सन 1850 में निर्मित हेरिटेज महल वायसराय लॉज का भी भ्रमण किया। यह भव्य धरोहर भवन ब्रिटिश शासनकाल में भारत के वायसराय के ग्रीष्मकालीन निवास के रूप में उपयोग में लाया जाता था। लगभग 151 एकड़ परिसर में फैला यह भवन अपनी विशिष्ट वास्तुकला, विशाल उद्यानों एवं हिमालय के मनोरम दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। वर्ष 1965 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने इसे अधिकारिक राष्ट्रपति रिट्रीट घोषित किया। अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इण्डियन इन्स्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडी का भी अवलोकन किया।
अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरें, प्राकृतिक संपदा, अध्यात्मिक आस्था केंद्र एवं सांस्कृतिक विरासत भारत की समृद्ध परंपराओं को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करती हैं। इन स्थलों का संरक्षण एवं संवर्धन देश की सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


