पीएम मोदी ने जोहान्सबर्ग में शनिवार को G20 समिट में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और दुनियाभर के नेताओं से मुलाकात की।
दौरान ब्राजीली राष्ट्रपति लूला डि सिल्वा को उन्होंने गले लगा लिया। इसके बाद मोदी ने समिट के पहले सेशन में भाषण दिया। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों पर भारत का नजरिया दुनिया के सामने रखा।

मोदी ने वैश्विक विकास के पुराने मानकों पर दोबारा सोचने की अपील की। उन्होंने कहा-

“G20 ने भले ही दुनिया की अर्थव्यवस्था को दिशा दी हो, लेकिन आज की विकास मॉडल ने बड़ी आबादी को संसाधनों से वंचित किया है और प्रकृति के अत्यधिक दोहन को बढ़ावा दिया है। अफ्रीकी देशों पर इसका असर सबसे ज्यादा दिखता है। “
साउथ अफ्रीका में हो रही इस साल की G20 समिट भारत के लिए इसलिए खास है क्योंकि 2023 में अपनी अध्यक्षता के दौरान भारत ने अफ्रीकन यूनियन को G20 का सदस्य बनवाया था।
अब पहली बार अफ्रीका में समिट हो रही है। इसके चलते सभी अफ्रीकी देशों में भारत का सम्मान बढ़ा है। शुक्रवार को पीएम मोदी के साथ अफ्रीका पहुंचने पर स्थानीय कलाकारों ने उनके सम्मान में जमीन पर लेटकर स्वागत किया।

ट्रम्प, पुतिन और जिनपिंग की गैरमौजूदगी में भारत समिट का सबसे प्रमुख चेहरा बन गया है। पीएम मोदी समिट के तीनों अहम सत्रों में आर्थिक विकास, क्लाइमेट रेजिलियंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर भारत का पक्ष रखेंगे।
भारत की ग्लोबल साउथ लीडरशिप और विकासशील देशों की आवाज को मजबूती से पेश करने के लिए यह समिट बड़ा मंच साबित होगी।
मोदी बोले- दुनिया पुराने विकास मॉडल को बदले
अफ्रीका में चल रहे G20 समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि दुनिया पुराने विकास मॉडल पर दोबारा सोचे।उन्होंने कहा कि पारंपरिक मॉडल ने बड़ी आबादी को संसाधनों से दूर रखा है और प्रकृति का नुकसान भी किया है। इसका सबसे ज्यादा असर अफ्रीका झेल रहा है।


