मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP – अजीत पवार गुट) के भीतर अब इस सवाल ने जोर पकड़ लिया है कि अजीत दादा की राजनीतिक कमान भविष्य में किसके हाथों में होगी? जहां एक ओर पार्टी के भीतर सांगठनिक मजबूती पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ‘पवार विरासत’ को आगे बढ़ाने के लिए पत्नी सुनेत्रा पवार और बेटे पार्थ पवार के नामों को लेकर कयासों का बाजार गर्म है।
सुनेत्रा पवार: पर्दे के पीछे से मुख्यधारा तक
अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार अब केवल घरेलू मोर्चे तक सीमित नहीं हैं। बारामती लोकसभा चुनाव के बाद से उनकी सक्रियता काफी बढ़ी है। पार्टी कार्यकर्ताओं का एक वर्ग उन्हें एक सौम्य और स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखता है। सामाजिक कार्यों में उनकी पैठ उन्हें महिला मतदाताओं और ग्रामीण क्षेत्रों में एक मजबूत दावेदार बनाती है।
पार्थ पवार: युवा चेहरे की चुनौती
अजीत पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार की लॉन्चिंग हालांकि चुनौतीपूर्ण रही है, लेकिन पार्टी का युवा विंग उन्हें भविष्य के नेतृत्व के रूप में देखता है। अजीत पवार उन्हें राजनीति की बारीकियां सिखा रहे हैं। यदि पार्टी को ‘युवा और आधुनिक’ छवि के साथ आगे बढ़ना है, तो पार्थ सबसे स्वाभाविक विकल्प नजर आते हैं। हालांकि, जय पवार (छोटा बेटा) की पर्दे के पीछे की सक्रियता भी चर्चा का विषय रहती है।
तीसरा विकल्प: वफादार सिपहसालार
राजनीतिक गलियारों में एक चर्चा यह भी है कि परिवारवाद के आरोपों से बचने के लिए क्या अजीत पवार किसी बाहरी वफादार नेता (जैसे प्रफुल्ल पटेल या सुनील तटकरे) को कमान सौंप सकते हैं? लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति का इतिहास गवाह है कि क्षेत्रीय दलों में विरासत अक्सर परिवार के भीतर ही रहती है।
अजीत पवार की रणनीति
फिलहाल, अजीत पवार ने खुद को पूरी तरह सक्रिय रखा है और किसी नाम पर मुहर नहीं लगाई है। जानकारों का कहना है कि वे ‘वेट एंड वॉच’ की नीति अपना रहे हैं। वे देख रहे हैं कि जनता और पार्टी कैडर किसके नेतृत्व को सहजता से स्वीकार करता है।


