जयपुर में पहली बार आर्मी एरिया से बाहर आयोजित हो रही सेना दिवस परेड को लेकर शुक्रवार को भव्य फुल ड्रेस रिहर्सल की गई। जगतपुरा स्थित महल रोड पर हुई इस रिहर्सल ने आम नागरिकों को भारतीय सेना की शक्ति, अनुशासन और आधुनिक सैन्य क्षमता का अद्भुत नजारा दिखाया। रिहर्सल से पहले सेना के बैंड ने शानदार परफॉर्मेंस दी, जिसने माहौल को देशभक्ति से भर दिया।
रिहर्सल की शुरुआत गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित अधिकारियों द्वारा परेड कमांडर को सलामी देने से हुई। अशोक चक्र, परमवीर चक्र और महावीर चक्र से सम्मानित वीर अधिकारियों ने परेड का नेतृत्व किया। उनके पीछे आर्मी बैंड और घुड़सवार दस्ते कदमताल करते हुए आगे बढ़े, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसके बाद सेना की आधुनिक सैन्य शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया। रिहर्सल में मॉडर्न टेक्नोलॉजी से लैस मिसाइलें, मशीनगन, अत्याधुनिक हथियार, टैंक और सैन्य वाहन सड़क पर नजर आए। ऑपरेशन सिंदूर की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें रोबोटिक डॉग्स और ब्रह्मोस मिसाइल का प्रदर्शन किया गया। यह झांकी सेना की तकनीकी दक्षता और भविष्य की युद्ध तैयारियों को दर्शाती नजर आई।
परेड में भारतीय सेना के स्वदेशी नस्ल के डॉग्स ने भी भाग लिया। खासतौर पर चश्मा लगाए मुधोल हाउंड डॉग्स ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इन प्रशिक्षित डॉग्स ने यह दिखाया कि सेना सुरक्षा और निगरानी के लिए अत्याधुनिक तरीकों के साथ पारंपरिक संसाधनों का भी प्रभावी उपयोग कर रही है।
तेज सर्दी के बावजूद बड़ी संख्या में लोग आर्मी डे परेड की इस फुल ड्रेस रिहर्सल को देखने पहुंचे। आम नागरिकों में सेना की एक झलक पाने का उत्साह साफ नजर आया। रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों को सुबह 8:45 बजे तक पहुंचने का समय दिया गया था। सुरक्षा कारणों से रिहर्सल शुरू होने के बाद किसी को भी कार्यक्रम स्थल में प्रवेश या कार्यक्रम समाप्त होने से पहले बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
जयपुर में आयोजित इस फुल ड्रेस रिहर्सल ने न सिर्फ सेना दिवस परेड की तैयारियों को अंतिम रूप दिया, बल्कि आम जनता को भारतीय सेना के शौर्य, अनुशासन और आधुनिक सैन्य शक्ति से रूबरू कराया।


