जयपुर के 298वें स्थापना दिवस पर गुलाबी नगरी के पर्यटन स्थलों पर मंगलवार को रौनक देखने को मिली। जंतर-मंतर, हवामहल, आमेर महल, अल्बर्ट हॉल सहित सभी प्रमुख स्मारकों पर सुबह से ही पर्यटकों की आवाजाही बढ़ गई। पारंपरिक परिधान, लोकधुनों के साथ टूरिस्ट्स का स्वागत किया गया।
हवामहल के प्रवेश द्वार पर खूबसूरत रंगोली सजाई गई, जिसने देशी–विदेशी पर्यटकों का मन मोह लिया। आयोजन स्थल पर जयपुर के इतिहास, स्थापना की पृष्ठभूमि और हवामहल सहित अन्य स्मारकों की वास्तुकला से जुड़ी रोचक जानकारी भी पर्यटकों को दी। लगातार फोटो सेशन, गाइडेड टूर और पारंपरिक संगीत की गूंज से पूरा परिसर दिनभर जीवंत बना रहा।

जंतर-मंतर की वैज्ञानिक धरोहर बनी चर्चा का विषय
यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल जंतर-मंतर आज सबसे भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थलों में रहा। यहां मौजूद सम्राट यंत्र जो आज भी समय और मौसम की सटीक गणना करता है, इसने पर्यटकों का विशेष ध्यान खींचा। विशेषज्ञ गाइडों ने यंत्रों की वैज्ञानिक उपयोगिता और महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय की खगोल विज्ञान में गहरी रुचि की जानकारी पर्यटकों को दी।
आमेर महल और अल्बर्ट हॉल में उत्सव का माहौल
आमेर महल में पारंपरिक स्वागत, शहनाई वादन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पर्यटकों का मनोरंजन किया। वहीं, अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में इतिहास और कला-समृद्ध प्रदर्शनियों को देखने के लिए दर्शकों की भीड़ जुटी रही। फोटोग्राफी, वीडियो शूट्स और स्टोरी-कंटेंट बनाने वाले युवाओं ने इन स्मारकों को सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग बना दिया।अनूठी बसावट और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक
‘छोटी काशी’ के नाम से पहचाना जाने वाला जयपुर अपनी योजनाबद्ध बसावट और वास्तुशिल्प के कारण दुनिया भर में खास पहचान रखता है। सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा 1727 में बसाया गया यह शहर अब 298 वर्ष का हो चुका है। जनसंख्या बढ़ने और शहर के विस्तार के बावजूद परकोटा क्षेत्र की ऐतिहासिक संरचना आज भी अपनी मौलिकता में नजर आती है।
परकोटा क्षेत्र के संवर्धन पर सरकार खर्च करेगी 100 करोड़
राजस्थान सरकार जयपुर के परकोटा क्षेत्र को और अधिक आकर्षक और संरक्षित बनाने की दिशा में बड़े कदम उठा रही है। इसके लिए लगभग ₹100 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। इस योजना के तहत परकोटा की दीवारों और दरवाजों का संरक्षण, विरासत बाजारों का पुनर्विकास, पर्यटन सुविधाओं का विस्तार, रात्रिकालीन पर्यटन को बढ़ावा जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
स्थापना दिवस के अवसर पर होटल, कैफे, हैंडीक्राफ्ट बाजार, ज्वेलरी स्ट्रीट और स्थानीय व्यापारी वर्ग भी उत्साह से भर उठा। बढ़ती पर्यटक संख्या ने पर्यटन उद्योग में रौनक ला दी।


