जयपुर में जन्माष्टमी पर्व को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 4 सितंबर को गोविंददेवजी मंदिर, इस्कॉन मंदिर मानसरोवर, हरे कृष्ण मंदिर अक्षयपात्र जगतपुरा, अक्षरधाम मंदिर वैशालीनगर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और दर्शन व्यवस्था में विशेष इंतजाम किए गए हैं।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मंदिरों तक पहुंचने के लिए अधिक से अधिक मेट्रो का इस्तेमाल करने की अपील की है। जन्माष्टमी के दिन जयपुर की चारदीवारी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद रहेगा। ऐसे में लोगों से यात्रा की योजना पहले से बनाने और अनावश्यक वाहन लेकर नहीं आने की अपील की गई है।
5 सितंबर को निकलेगी भव्य शोभायात्रा
5 सितंबर को गोविंददेवजी मंदिर से शाम 4 बजे जन्माष्टमी की शोभायात्रा निकलेगी। शोभायात्रा जलेब चौक, सिरहड्योढ़ी बाजार, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार, सांगानेरी गेट, बापू बाजार, न्यूगेट, चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़, चांदपोल बाजार और बगरू वालों के रास्ते से होते हुए मंदिर श्री गोपीनाथ पहुंचेगी। शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात को लेकर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
गोविंददेवजी मंदिर में जलेब चौक से प्रवेश
4 सितंबर को गोविंददेवजी मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश जलेब चौक की ओर बांदरवाल गेट से निर्धारित मार्ग से होगा। दूसरे रास्तों से प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। मंगला झांकी से दर्शन व्यवस्था शुरू होगी। जलेब चौक से तीन अलग-अलग लाइनें बनाई जाएंगी, जिनमें दर्शन पास वाले, बिना जूते-चप्पल और जूते-चप्पल के साथ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था रहेगी।
दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को प्रवेश से लेकर दर्शन के बाद बाहर निकलने तक करीब 5 से 6 किलोमीटर पैदल चलना पड़ सकता है। दर्शन के बाद जय निवास बाग के पूर्वी और पश्चिमी गेट से निकासी की व्यवस्था रहेगी।
सफाई, रोशनी और मेडिकल सुविधाओं पर जोर
जिला कलक्टर संदेश नायक ने संबंधित विभागों को जन्माष्टमी और शोभायात्रा से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम को मंदिरों और शोभायात्रा मार्ग पर सफाई, रोशनी, पेयजल और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था करने को कहा गया है। पुलिस को भीड़ नियंत्रण, यातायात, पार्किंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रमुख मंदिरों और शोभायात्रा मार्ग पर एंबुलेंस, मेडिकल टीम और जरूरी चिकित्सा संसाधन उपलब्ध रहेंगे। बिजली विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति और ढीले तारों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिरों में सीसीटीवी और कंट्रोल रूम के जरिए भीड़ की निगरानी की जाएगी।
श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी की अपील
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए श्रद्धालुओं से बैग, थैला, लेडीज पर्स, कीमती आभूषण, लैपटॉप, कैमरा, प्रसाद, फल, मिठाई और नारियल साथ नहीं लाने की अपील की गई है। हेलमेट वाहनों पर ही रखने को कहा गया है।
गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों से भीड़ में आने से बचने की अपील की गई है। ऐसे श्रद्धालु गोविंदम ऐप या मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए लाइव दर्शन कर सकते हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से पानी की बोतल साथ रखने, धक्का-मुक्की से बचने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
रात 12 बजे होगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
गोविंददेवजी मंदिर में 4 सितंबर की रात 10 से 11 बजे तक जन्माष्टमी व्रत कथा होगी। रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म के अवसर पर 31 तोपों की हवाई गर्जना और विशेष आतिशबाजी होगी। इसके बाद ठाकुर श्रीजी का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।


