मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास द्वारा सांगानेर स्थित कॉमन एफलुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) एवं द्रव्यवती नदी के आस-पास के क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। उन्होंने इस दौरान निर्देश दिए कि सांगानेर एनवायरों प्रोजेक्ट डवलपमेंट द्वारा ब्राह्मणों की ग्वार में प्रस्तावित पंपिंग स्टेशन का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए, जिससे शेष 134 उद्योगों को सीईटीपी से जोड़ा जा सके।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सांगानेर एनवायरों प्रोजेक्ट डवलपमेंट को अपने सदस्यों से विचार-विमर्श कर सीईटीपी के संचालन में भी आ रही तकनीकी खामियों के निवारण हेतु प्रयास करने एवं इस संबंध में समयबद्ध कार्ययोजना राज्य सरकार को प्रस्तुत करनी होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के स्पष्ट निर्देश है कि सभी औद्योगिक इकाइयों को सीईटीपी से शीघ्र जोड़ा जाए और इसका उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
दोषी उद्योगों के विरुद्ध होगी सख्त कार्रवाई-
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास द्वारा नियमों की पालना नहीं पाए जाने पर, दोषी उद्योगों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्यवाही करने हेतु राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल को निर्देशित किया गया, जिससे द्रव्यवती नदी में इन उद्योगों द्वारा डाले जाने वाले प्रदूषित औद्योगिक जल की समस्या का स्थाई समाधान हो सके। सीईटीपी से जुड़े सभी वस्त्र प्रसंस्करण उद्योगों को मण्डल से सम्मति (Consent) प्राप्त कर ही उद्योग के संचालन करने हेतु निर्देश दिए गए।

सांगानेर में हो रहा है 12.3 एमएलडी सीईटीपी का संचालन-
सांगानेर एनवायरों प्रोजेक्ट डवलपमेंट के डायरेक्टर प्रवीण शाह ने बताया कि 892 वस्त्र प्रसंस्करण उद्योगों के लिए सांगानेर स्थित 12.3 एमएलडी क्षमता के सीईटीपी का संचालन सांगानेर एनवायरों प्रोजेक्ट डवलपमेंट द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में 892 वस्र प्रसंस्करण उद्योगों में से 758 उद्योग ही सीईटीपी से जुड़ सके हैं। शेष 134 उद्योग ब्राह्मणों की ग्वार में प्रस्तावित पंपिंग स्टेशन के निर्माण कार्य पूर्ण होने पर जुड़ सकेंगे।उन्होंने बताया कि सीईटीपी के संचालन में भी कुछ तकनीकी कारण होने की वजह से, पूर्ण क्षमता पर संचालन इन खामियों को दूर करने के पश्चात ही किया जा सकेगा।
उल्लेखनीय है कि 28 मार्च को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित राज उन्नति की तीसरी बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालना में यह निरीक्षण किया गया।


