मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में सचिवालय में महात्मा गांधी नरेगा योजना व वीबी–जी राम जी योजना के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक के दौरान मुख्य सचिव द्वारा मनरेगा योजना की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा करते हुए सामग्री एवं प्रशासनिक मद में केन्द्र सरकार से प्राप्त भुगतान एवं राज्य सरकार द्वारा किए गये भुगतान के बारे में जानकारी ली गयी।
मनरेगा में मानव दिवस सृजन, युक्तधारा पोर्टल, राजस्थान सम्पर्क, सीपीग्राम पोर्टल, मुख्यमंत्री जनसुनवाई कार्यक्रम, मुख्य सचिव के कार्यालय के प्रकरणों, बजट घोषणाओं, अपूर्ण कार्यों को पूर्व करने आदि की समीक्षा की गयी।
शासन सचिव ग्रामीण विकास विभाग कृष्ण कुणाल, द्वारा मनरेगा में हरियालो राजस्थान एवं अमृत सरोवर, खेल संकुल व अमृत पोषण वाटिका के तहत बांसवाडा, जोधपुर, भीलवाड़ा में किये गये श्रेष्ठ कार्यों के बारे में अवगत कराया गया।
मुख्य सचिव द्वारा ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव के साथ बैठक में दिये गये निर्देशों की अनुपालना में 4 लाख अपूर्ण कार्यों को पूर्ण करने के लक्ष्य की अनुपालना में 4 लाख 19 हजार कार्य पूर्ण किए जाने, सामग्री, श्रम एवं प्रशासनिक मद में भारत सरकार द्वारा उपलब्ध राशि का समय पर उपयोग करने, भारत सरकार की तरफ बकाया सामग्री मद की राशि के मिलान करने, मनरेगा के माध्यम से किये जा रहे वृक्षारोपण कार्य, हरियालो राजस्थान ऐप एवं मनरेगा में एनएमएमएस के माध्यम से श्रम नियोजन में फर्जी श्रम नियोजन पर किये गये नियंत्रण आदि कार्यो के लिए मुख्य सचिव ने नरेगा टीम की सहराना की गयी।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि वीबी–जी राम जी योजना लागू होने से पूर्व सम्पूर्ण अधुरे कार्यो को पूर्ण करना सुनिश्चित करें, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के समस्त कार्यों की मस्टरोल जारी कर 90 मानव दिवस उपलब्ध करवाये। वीबी जी राम जी योजना के लिए सेल्फ ऑफ प्रोजेक्ट (विकसीत ग्राम पंचायत विकास योजना) में प्रर्याप्त कार्यों का चयन करे। ग्रीन अरावली परियोजना के तहत आगामी मानसून सत्र में प्रर्याप्त मात्रा में वृक्षारोपण करने हेतु अभी से कार्य योजना बनायें। वहीं मनरेगा के तहत ग्रामीण विकास मंत्रालय दिल्ली से बकाया भुगतान प्राप्त करने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश प्रदान किए।
समीक्षा बैठक में आयुक्त मनरेगा पुष्पा सत्यानी, अति. आयुक्त प्रथम जुगल किशोर मीणा, अति. आयुक्त द्वितीय प्रतिष्ठा पिलानियां, परियोजना निदेशक रतन लाल अटल, अधीक्षण अभियंता आई. पी. अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


