By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Great Rajasthan NewsGreat Rajasthan NewsGreat Rajasthan News
  • होम
  • देश
    • राष्ट्रीय समाचार
    • दिल्ली
    • मुंबई
    • कोलकाता
    • चेन्नई
    • अन्य राज्य
  • राजस्थान
    • जयपुर
    • जोधपुर
    • उदयपुर
    • कोटा
    • अजमेर
    • बीकानेर
    • अलवर
    • भरतपुर
    • पाली
    • सीकर
    • अन्य जिले
  • राजनीति
    • राज्य राजनीति
    • राष्ट्रीय राजनीति
    • चुनाव
    • विधानसभा
    • लोकसभा
    • राज्यसभा
  • बॉलीवुड
    • फिल्म समाचार
    • सेलिब्रिटी न्यूज़
    • बॉक्स ऑफिस
    • टीवी न्यूज़
    • रियलिटी शो
    • मनोरंजन
  • खेल
    • क्रिकेट
    • फुटबॉल
    • हॉकी
    • टेनिस
    • बैडमिंटन
    • अन्य खेल
  • शिक्षा
    • स्कूल न्यूज़
    • कॉलेज न्यूज़
    • परीक्षा परिणाम
    • प्रतियोगी परीक्षा
    • छात्रवृत्ति
    • करियर गाइड
  • रोजगार
    • सरकारी नौकरी
    • प्राइवेट जॉब्स
    • रिजल्ट न्यूज़
    • भर्ती अपडेट
  • हमारे बारे में
  • संपर्क
Reading: मुख्यमंत्री का डीडवाना-कुचामन दौरा, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा – मुख्यमंत्री ने आचार्य महाश्रमणजी से आशीर्वचन प्राप्त किए 
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
Great Rajasthan NewsGreat Rajasthan News
  • Home
    • Home News
    • Home 2
    • Home 3
    • Home 4
    • Home 5
  • Categories
    • Health
  • Bookmarks
    • Customize Interests
    • My Bookmarks
  • More Foxiz
    • Blog Index
    • Sitemap
Have an existing account? Sign In
Follow US
News

मुख्यमंत्री का डीडवाना-कुचामन दौरा, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा – मुख्यमंत्री ने आचार्य महाश्रमणजी से आशीर्वचन प्राप्त किए 

Last updated: 06.02.2026 5:56 pm
Anjali Dadhich
Published: 06.02.2026

 मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जैन धर्म केवल एक धर्म नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पूर्ण कला है। इस धर्म के पंच महाव्रत आज के भौतिकवादी युग में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने सदियों पहले थे। उन्होंने कहा कि संत, मुनि, महंत समाज को दिशा देने का काम करते है तथा हमारी समृद्ध संस्कृति को दुनियाभर में पहुंचाते है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए।

     मुख्यमंत्री शुक्रवार को लाडनूं के जैन विश्व भारती परिसर में आयोजित सुधर्मा सभा प्रवचन हॉल के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी का पधारना राजस्थान के लिए अत्यंत सम्मान और गौरव का विषय है। जैन विश्व भारती द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में सुधर्मा सभा का लोकार्पण भी हो रहा है। यह आने वाले समय में मानवीय मूल्यों और धार्मिक शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।

जैन धर्म द्वारा अहिंसा के संदेश ने मानवता को दिखाई दिशा-

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन धर्म अहिंसा का संदेश देकर प्रकाश स्तंभ की तरह मानवता को दिशा दिखा रहा है। जैन दर्शन ने ‘जियो और जीने दो’ का जो मूलमंत्र दिया है, वह आज पर्यावरण संरक्षण का सबसे बड़ा आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस धर्म की यह विशेषता रही है कि इसने हमेशा प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलने की शिक्षा दी है। आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन से चिंतित है, तब जैन धर्म के सिद्धांत हमें यह बताते हैं कि संयम और सादगी के बिना मानवता का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता।

पूज्य आचार्य महाश्रमणजी लाखों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत-

     मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य आचार्य महाश्रमणजी मानवीय मूल्यों के जीवंत प्रतीक हैं। इनकी साधना, ज्ञान और त्याग लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मानव कल्याण और धर्म प्रचार के लिए समर्पित कर दिया है। उन्होंने कहा कि आचार्य जी ने जैन धर्म की प्राचीन परंपराओं को आधुनिक समय के साथ जोड़कर एक नई दिशा दी है। उनका यह योगदान केवल जैन समाज के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए वरदान है। उनकी शिक्षाओं में जो सरलता और व्यावहारिकता है, वह हर वर्ग के लोगों तक पहुँचती है।

जैन विश्व भारती ने विभिन्न क्षेत्रों में दिया अविस्मरणीय योगदान-

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन विश्व भारती ने पिछले कई दशकों में धर्म, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान दिया है। आचार्य तुलसी के बाद आचार्य महाप्रज्ञ ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि इस संस्थान ने जैन दर्शन का प्रचार-प्रसार के साथ ही आधुनिक शिक्षा को मानवीय मूल्यों के साथ जोड़कर एक नई दिशा दी है। यहाँ संचालित शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान के साथ जीवन जीने की कला भी सिखाई जाती है। विश्व भारती ने अहिंसा और शांति के संदेश को घर-घर तक पहुँचाने का काम किया है। यह संस्थान विदेशों में भी भारतीय संस्कृति और जैन दर्शन का प्रतिनिधित्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि सुधर्मा सभा मानवीय मूल्यों का एक मंदिर है। यहाँ से सत्य, अहिंसा और करुणा का संदेश दूर-दूर तक फैलेगा।

    इस दौरान मुख्यमंत्री ने आचार्य महाश्रमणजी से आशीर्वचन प्राप्त किए। श्री शर्मा ने जैन विश्व भारती में नवनिर्मित सुधर्मा सभा प्रवचन हॉल का लोकार्पण किया।

[ruby_related total=5 layout=5]

Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Quick Link

  • Contact
  • Blog
  • Complaint
  • Advertise

Top Categories

  • My Bookmarks
  • Customize Interests

Subscribe

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

[mc4wp_form]

Great Rajasthan NewsGreat Rajasthan News
© Great Rajasthan News. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account