राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 6 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 17 जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। खासतौर पर कोटा और उदयपुर संभाग में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इससे पहले सोमवार को हाड़ौती क्षेत्र के कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ में जमकर बारिश हुई। झालावाड़ के सुनेल में सबसे ज्यादा 300 मिमी यानी करीब 12 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। बाकनी में 270 मिमी, पिरावा में 262 मिमी, रायपुर में 220 मिमी, मनोहरथाना में 101 मिमी और झालावाड़ शहर में 88 मिमी बारिश हुई।
लगातार बारिश के कारण कालीसिंध और छापी डैम के गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। नदियों और नालों में उफान आने से निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और करीब 10 गांवों का संपर्क टूट गया है। कोटा के नॉनेरा डैम के 27 में से 19 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिला। पिछले 24 घंटे में कोटा, बूंदी, बांसवाड़ा, बारां, झुंझुनूं और प्रतापगढ़ में कई स्थानों पर 6 इंच तक बारिश दर्ज हुई। वहीं डूंगरपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, जयपुर और टोंक में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
डीडवाना-कुचामन के नावां में बाइक सवार युवकों पर बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई। मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ और लो-प्रेशर सिस्टम के प्रभाव से आने वाले दिनों में बारिश और बढ़ सकती है। प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।


