राज्य में पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी की आपूर्ति पर मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने सचिवालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा आमजन को किसी भी प्रकार की घबराहट में आकर अनावश्यक खरीदारी करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।राजस्थान देश की प्रमुख पाइपलाइन नेटवर्क प्रणाली से जुड़ा हुआ राज्य है, जिसके माध्यम से पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी की नियमित आपूर्ति निरंतर जारी है। केंद्र सरकार द्वारा भी राज्य को आश्वस्त किया गया है कि भविष्य में भी आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी।
बैठक में मुख्य सचिव ने राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस कंपनियों को निर्देशित किया कि जिला-वार पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी की उपलब्धता एवं वितरण का डेटा प्रतिदिन जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर उपलब्ध स्टॉक एवं वितरण व्यवस्था की दैनिक समीक्षा की जाएगी, जिससे किसी भी प्रकार की अफवाह या कृत्रिम कमी की स्थिति उत्पन्न न हो सके।
मुख्य सचिव ने पेट्रोल एवं डीजल की ड्रमों में बल्क ओपन बिक्री पर भी सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से ईंधन की बिक्री एवं संभावित लीकेज को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि आमजन अफवाहों पर ध्यान न दे और पैनिक बाइंग ना करें ताकि पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद आपूर्ति श्रृंखला पर दवाब की स्थिति ना बने।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव अम्बरीष कुमार ने कहा कि विभागीय स्तर से प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की किसी भी प्रकार की अवैध बिक्री रोकने के लिए निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।
बैठक में बीपीसीएल, आईओसीएल, एचपीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी, प्रदेश में ईंधन एवं गैस सप्लाई करने वाली निजी कंपनियों के प्रतिनिधि, पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन के प्रतिनिधि तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के आला अधिकारी उपस्थित रहे।


