सलूम्बर जिले में बच्चों की अज्ञात बीमारी से मौत के प्रकरण को लेकर राज्य सरकार गंभीर है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा सलूम्बर सहित उदयपुर संभाग के सातों जिलों में व्यापक स्तर पर आउटब्रेक नियंत्रण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। विभाग की टीमें लगातार सर्विलांस कार्य कर रही हैं।
उल्लेखनीय है कि बच्चों की मौत का प्रकरण सामने आने के बाद मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने तत्काल विशेषज्ञों की टीम गठित कर मामले की जांच करवाने एवं रोग नियंत्रण के लिए व्यापक स्तर पर गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए थे। चिकित्सा मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर भी लगातार प्रभावित क्षेत्र की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। आरएनटी मेडिकल कॉलेज की टीम द्वारा मंगलवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर आउटब्रेक की जांच की गई तथा प्राथमिक उपचार एवं जांच प्रोटोकॉल के संबंध में आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए।राज्य स्तरीय टीम ने भी प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर विस्तृत जांच की।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि उदयपुर संभाग में करीब 3690 टीमों द्वारा 52 हजार से अधिक घरों का सर्वेक्षण किया गया, जिसमें 275 लक्षण वाले मरीज चिन्हित किए गए। इनमें से 25 मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों हेतु रेफर किया गया। इस दौरान 13 हजा से अधिक स्थानों पर सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियां संचालित की गईं।
निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि सलूम्बर के झालरा ब्लॉक के सेमारी गांव में 01 चार वर्षीय बच्चे की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि आउट ब्रेक नियंत्रण गतिविधियों के तहत मंगलवार को उदयपुर संभाग में 651 मरीजों का मौके पर ही उपचार किया गया। उन्होंने बताया कि मच्छरजनित बीमारियों पर प्रभावी रोकथाम के लिए 2,557 स्थानों पर एंटी-लार्वल गतिविधियां की गईं। क्षेत्र में 1,796 ब्लड स्लाइड्स ली गईं तथा 94 सैंपल जांच हेतु एकत्रित किए गए।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है एवं आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। आमजन से अपील है कि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें एवं विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।


