लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कोटपूतली—बहरोड़ के कुहाड़ा गाँव में श्री छांपाला भैरू जी महाराज के विशाल लक्खी मेले एवं भंडारा कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने कहा कि भक्ति, आस्था और लोक-संस्कृति से जुड़ा यह आयोजन राजस्थान की समृद्ध परंपराओं और सामाजिक समरसता का जीवंत स्वरूप है। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति, कलश यात्रा, भजन-जागरण और विशाल महाप्रसादी यह स्पष्ट करते हैं कि ऐसे मेले केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज को जोड़ने वाली हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं। उन्होंने कहा कि लोक देवताओं की आस्था आज भी जनमानस को दिशा और ऊर्जा देती है।
लोकसभा अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह मेला सेवा, समानता और एकता का अनुपम उदाहरण है, जहाँ बिना किसी भेदभाव के सभी लोग एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। हजारों सेवादारों का निःस्वार्थ श्रम, सुव्यवस्थित भंडारा और दूर-दराज़ क्षेत्रों से आए श्रद्धालु भारत की सांस्कृतिक एकता को सजीव रूप में प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरती आस्था और वीरता दोनों की प्रतीक है, जहाँ लोक-परंपराएँ और सनातन संस्कृति ने हर दौर में समाज को जोड़े रखा है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास से जुड़ी आवश्यकताओं और चुनौतियों के समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।


