उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अपने चरम पर पहुंच रही है। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल की सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इससे पहले बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली गौरीकुंड से धाम के लिए रवाना हो चुकी है, जो करीब 17 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई तय कर आज शाम तक मंदिर पहुंच जाएगी। यात्रा का आज तीसरा दिन है और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
वहीं दूसरी ओर, बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। चमोली जिले के जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर से आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी और गरुड़ जी की डोली बद्रीनाथ के लिए रवाना हो चुकी है। सभी देव डोलियां पांडुकेश्वर में मिलेंगी, जहां रात्रि विश्राम के बाद पूजा-अर्चना कर बद्रीनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेंगी। यह डोली करीब 42 किलोमीटर की यात्रा कर 23 अप्रैल की शाम तक बद्रीनाथ पहुंचेगी और 24 अप्रैल की सुबह कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
गौरतलब है कि बाबा केदारनाथ की डोली 19 अप्रैल को उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर से रवाना हुई थी। रास्ते में फाटा और गौरीकुंड में भव्य स्वागत के बाद अब डोली धाम की ओर अग्रसर है। बाबा केदार 178 दिनों तक शीतकालीन गद्दीस्थल उखीमठ में विराजमान रहे।
चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है। इस साल अब तक 21 लाख से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जिनमें करीब 7 लाख केदारनाथ और 6 लाख बद्रीनाथ के लिए हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में भी शुरुआती तीन दिनों में भारी भीड़ उमड़ रही है और अब तक 20 हजार से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।


