भारत और ओमान के बीच गुरुवार को ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे दोनों देशों के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत भारत के लगभग 98 प्रतिशत निर्यात को ओमान के बाजार में बिना किसी आयात शुल्क के प्रवेश मिलेगा। माना जा रहा है कि इससे भारत के निर्यातकों को बड़ा लाभ होगा और द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
इस एफटीए से विशेष रूप से भारत के कपड़ा, कृषि उत्पाद, चमड़ा और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों को बड़ा फायदा मिलने की संभावना है। ओमान का बाजार इन उत्पादों के लिए और अधिक सुलभ होगा, जिससे भारतीय उद्योगों को नए अवसर मिलेंगे और रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा। इसके बदले भारत ने ओमान से आयात होने वाले कुछ उत्पादों पर शुल्क में कटौती करने पर सहमति जताई है। इनमें खजूर, मार्बल और पेट्रोकेमिकल उत्पाद प्रमुख हैं।
सूत्रों के अनुसार यह समझौता अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही से लागू हो सकता है। ऐसे समय में यह करार बेहद अहम माना जा रहा है, जब भारत को अमेरिका जैसे बड़े निर्यात बाजारों में ऊंचे शुल्क का सामना करना पड़ रहा है। ओमान के साथ यह एफटीए भारतीय निर्यातकों के लिए एक वैकल्पिक और मजबूत बाजार उपलब्ध कराएगा।
इस मौके पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ओमान के वाणिज्य, उद्योग और निवेश प्रोत्साहन मंत्री कैस बिन मोहम्मद अल यूसुफ से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत–ओमान आर्थिक साझेदारी को और गहरा करने तथा व्यापार और निवेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर जोर दिया। पीयूष गोयल ने बैठक को बेहद सकारात्मक बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच पहले से मजबूत रिश्ते हैं और इस समझौते से उनमें और मजबूती आएगी।


