मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के अंतर्गत हस्ताक्षरित एमओयू के क्रियान्वयन हेतु विभागवार समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
मुख्य सचिव ने बैठक में निवेश परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत अवलोकन करते हुए सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि निवेशकों के लंबित प्रकरणों का निराकरण समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश का वातावरण सुगम, पारदर्शी एवं निवेशक-अनुकूल बनाए रखने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्य सचिव ने बैठक में निर्देश दिए कि भूमि रूपांतरण, पट्टा आवंटन, लेआउट अनुमोदन एवं एनओसी से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से निस्तारित किया जाए। साथ ही निवेशकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखा जाए एवं उन्हें उनके प्रकरणों की स्थिति से समय-समय पर अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि बहु-विभागीय समन्वय की आवश्यकता वाले प्रकरणों में संबंधित विभाग आपसी सहयोग से समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट में हस्ताक्षरित एमओयू प्रदेश के आर्थिक विकास की आधारशिला हैं। इन परियोजनाओं के धरातल पर साकार होने से राजस्थान में रोजगार के अनगिनत नए अवसर सृजित होंगे, स्थानीय उद्योगों को गति मिलेगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।
बैठक में पर्यटन, शिक्षा, ऊर्जा,उद्योग, स्वास्थ्य एवं नगर विकास एवं आवासन, मेडिकल एंड हेल्थ, खेल एवं युवा, एवं स्वायत्त शासन सहित विविध क्षेत्रों के कुल 33 निवेश प्रस्तावों की प्रगति की समीक्षा की गई। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग विभाग, शिखर अग्रवाल ने बताया कि विभिन्न निवेश प्रस्तावों में सकारात्मक प्रगति सामने आई है। उन्होंने निवेशकों के लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के क्रम में वीसी के माध्यम से जिला कलेक्टर-जैसलमेर, बांसवाड़ा, राजसमंद, भीलवाडा, चित्तौड़गढ़ तथा आयुक्त जोधपुर विकास प्राधिकरण, बीकानेर विकास प्राधिकरण एवं संबंधित अधिकारियों से बात कर निवेश प्रस्तावों की प्रगति की समीक्षा की तथा अपेक्षित दिशा-निर्देश प्रदान किये।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


