मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजीविका के स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की आर्थिक मजबूती, ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण के साथ ही आजीविका संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एसएचजी के उत्पादों की उपखण्ड एवं जिलेवार सूची बनाकर इनके विक्रय की ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री कार्यालय में राजस्थान ग्रामीण आजीविका परिषद की बैठक ली। उन्होंने कहा कि गांव की महिलाओं का आर्थिक विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए एसएचजी के उत्पादों को राज्य सरकार की योजनाओं से जोड़कर बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने उत्पादों की क्वालिटी, पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, जिससे बिक्री में भी बढ़ोतरी हो सके।
घर की उपयोगी वस्तुओं के निर्माण की बने विशेष कार्ययोजना
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को राजसखी कैंटीन में सरस डेयरी के उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्थानीय स्तर पर संचालित उत्पाद इकाइयों से भी एसएचजी की महिलाओं को जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा बाजार की मांग के अनुरूप प्रोडक्ट्स एवं घर में प्रतिदिन उपयोग आने वाली वस्तुओं के निर्माण की भी विशेष कार्ययोजना बनाई जाए।
कृषि एवं गैर-कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसएचजी द्वारा किए जाने वाले कार्यों को बढ़ावा देकर अधिक से अधिक संख्या में लखपति दीदी बनाई जाएं। साथ ही, इस कार्य को गति देकर इन महिलाओं को मिलेनियर दीदी बनाने के लिए आवश्यक कदम भी उठाए जाएं। उन्होंने राजीविका द्वारा संचालित कृषि एवं गैर-कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
ऋण योजनाओं से एसएचजी को करें लाभान्वित
उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर लाभान्वित करने के लिए बैंक सखी की संख्या में वृद्धि करने के निर्देश दिए। साथ ही, संबंधित अधिकारियों को कोऑपरेटिव बैंकों के माध्यम से बैंक सखी बनाकर ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को मजबूती प्रदान करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने सुविधा ऋण योजना, समर्थ सखी ऋण योजना एवं मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना से महिलाओं एवं एसएचजी को अधिक संख्या में लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
स्वयं सहायता समूहों को सोलर से जोड़ने की बने कार्ययोजना
मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों के कार्यों में बिजली आवश्यकता की पूर्ति के लिए सोलर योजना से जोड़ने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सोलर दीदी के शीघ्र प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही, एसएचजी उत्पादों के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म विकसित करने के कार्य को गति प्रदान करने के लिए भी निर्देशित किया।
ग्रामीण महिला बीपीओ स्थापना के कार्यों को दें गति
उन्होंने एसएचजी महिलाओं को सफल उद्यमी के रूप में बढ़ावा देने के लिए संभागीय मुख्यालयों पर राजसखी स्टोर्स खोलने, महिलाओं को बैंक सखी के रूप में ग्रामीण बैंक शाखाओं से जोड़ने एवं बैंकिंग कोरस्पोंडेंट बनाने तथा कोऑपरेटिव बैंक से जोड़ने, ग्रामीण महिला बीपीओ स्थापित करने और बिजनेस एसोसिएशन से जोड़ने के कार्याें को गति प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्थान महिला निधि को एनबीएफसी के रूप में उन्नत बनाने की प्रक्रिया को पूरा करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) अखिल अरोड़ा, शासन सचिव ग्रामीण विकास कृष्ण कुणाल, स्टेट मिशन निदेशक स्वयं सहायता समूह प्रियंका गोस्वामी सहित संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।


