राज्य के डेयरी क्षेत्र में विस्तार और आरसीडीएफ के सरस ब्रांड को राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचाने की मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की परिकल्पना बहुत जल्द साकार होगी। मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास की अध्यक्षता में केंद्र सरकार ने आरसीडीएफ को 1500 करोड रूपये की सहायता उपलब्ध कराने पर सैद्धान्तिक सहमति दी है। केंद्र सरकार की जीका (जापान इन्टरनेशनल कॉर्पोरेशन एजेन्सी) परियोजना के अन्तर्गत 1000 करोड और एनपीडीडी (नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डवलपमेन्ट) परियोजना के अन्तर्गत 500 करोड रूपये की सहायता पर सहमति दी गई है। इस राशि से आरसीडीएफ के दुग्ध संकलन, प्रसंस्करण और विपणन में विस्तार होगा। आरसीडीएफ मंे वर्तमान में संकलित हो रहे 45 लाख लीटर प्रतिदिन को बढाकर 65 लाख लीटर प्रतिदिन किया जायेगा। राज्य में दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता में 20 लाख लीटर प्रतिदिन की बढोतरी की जायेगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में पूर्व में हुई दो राज्य स्तरीय बैठको में लिये गये निर्णयों की क्रियान्वति को मूर्त रूप देने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय में उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने कहा कि राज्य सरकार सरस को केवल डेयरी सहकारी संस्था के रूप में नहीं बल्कि एक मजबूत एवं व्यापक राष्ट्रीय डेयरी ब्रांड के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होने राज्यभर में सरस आउटलेट एवं डेयरी पार्लरों का विस्तार करने, नये प्रोसेसिंग प्लान्ट स्थापित करने तथा दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता बढने के निर्देश दिये। उन्होने अधिकारियों से कहा कि आवश्यक परियोजनाओं को वित्त विभाग से समन्वय स्थापित कर शीघ्र आगे बढाया जाये। उन्होने कहा कि राजस्थान में दुग्ध उत्पादन, संकलन, प्रसंस्करण एवं विपणन की एकीकृत वेल्यू चेन विकसित की जाये ताकि दुग्ध उत्पादकों को अधिक लाभ मिल सके। बैठक में राजस्थान राज्य में डेयरी विकास की अपार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार से राज्य के दुग्ध उत्पादकों को लाभान्वित करने के लिए अपेक्षित आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग का आग्रह किया गया।
केन्द्र सरकार के मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के सचिव श्री नरेश पाल गंगवार ने कहा कि राजस्थान में डेयरी के क्षेत्र में परियोजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। उन्होेने कहा कि आरसीडीएफ द्वारा नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डवलपमेन्ट (एनपीडीडी) योजना के 100 प्रतिशत क्रियान्वयन की सराहना करते हुए सरस को राष्ट्रीय ब्रांड बनाने के लिए केन्द्र सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र के दीर्घकालीन विकास के लिए पशुधन की गुणवत्ता एवं स्वास्थ्य का मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ एवं उच्च गुणवत्तायुक्त नस्लों के पशु तैयार होने के बाद ही संग्रहण, प्रसंस्करण एवं विपणन तंत्र को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
बैठक में केन्द्र सरकार की अतिरिक्त सचिव वर्षा जोशी सहित केन्द्र सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, आणंद के चेयरमेन श्री मीनेश शाह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा संचालित नस्ल सुधार कार्यक्रमों और किसानों को उच्च गुणवत्तायुक्त पशुधन उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी गई।
आरसीडीएफ की एमडी श्रुति भारद्वाज ने प्रजेन्टेशन के माध्यम से राज्य में डेयरी विकास की वर्तमान स्थिति और भविष्य में डेयरी क्षेत्र के विस्तार की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होने बताया कि राजस्थान वर्तमान में दुग्ध उत्पादन, प्रति व्यक्ति दुग्ध उपलब्धता में देश में दूसरे स्थान पर है। राज्य में प्रतिदिन लगभग 10 करोड किलोग्राम उत्पादित हो रहा है। उन्होने बताया कि राज्य में 20 हजार से अधिक डेयरी सहकारी समितियों के माध्यम से ग्राम स्तर पर दुग्ध संग्रहण एवं किसानो को प्रत्यक्ष सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होने डेयरी क्षेत्र में पर्यावरण अनूकूल एवं सत्त विकास मॉडल अपनाने के बारे मे विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में केंद्र सरकार की ओर से राज्य के कुछ विशेष क्षेत्रों जैसे-जनजाति और सूखा क्षेत्रों में दुग्ध संकलन बढाने के लिए विशेष सहायता उपलब्ध कराने की सहमति दी गई, जिनमें नये बल्क मिल्क कूलर, नस्ल सुधार, पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढीकरण आदि शामिल है। राजस्थान राज्य सहित पडोसी राज्यों जैसे-दिल्ली, हरियाणा, एनसीआर, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश आदि में सरस नेटवर्क का विस्तार किया जायेगा और सरस को राष्ट्रीय ब्रांड के रूप में स्थापित किया जायेगा। राज्य के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों, राजकीय कार्यालयों, शिक्षण और चिकित्सा संस्थानों में नये सरस डेयरी बूथ, सरस पार्लर और सरस प्लाजा खोले जायेंगे।
बैठक में पशुपालन निदेशक सुरेश मीणा सहित संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


