जयपुर के एसएमएस अस्पताल स्थित चरक भवन में स्किन रोगों के इलाज के लिए अत्याधुनिक इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी शुरू किया गया है, जिसे लंदन के बाद इस तरह का दूसरा उन्नत केंद्र बताया जा रहा है। यहां अब मरीजों को विश्वस्तरीय तकनीक और आधुनिक मशीनों से इलाज की सुविधा मिल रही है, जिससे उन्हें पहले निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
इस संस्थान में डायोड लेजर, फ्रेक्शनल CO2 लेजर, एनडी-याग लेजर और एचआईएफयू जैसी अत्याधुनिक मशीनों से सटीक उपचार किया जा रहा है। साथ ही रोजाना 200 से अधिक मरीज विभिन्न प्रकार की स्किन थैरेपी का लाभ उठा रहे हैं। यहां टोकन सिस्टम, अलग-अलग चैंबर और आरामदायक बैठने की व्यवस्था भी की गई है।
एसएमएस प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी के अनुसार, इस संस्थान में सिर्फ इलाज ही नहीं बल्कि रिसर्च पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के लिए अलग रूम बनाए गए हैं, जबकि प्रशिक्षण और सेमिनार के लिए आधुनिक हॉल भी तैयार किया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट को 8 करोड़ के बजट में प्रस्तावित किया गया था, लेकिन इसे केवल 4.81 करोड़ रुपये में पूरा कर लिया गया।
डॉ. दीपक माथुर के नेतृत्व में तैयार इस संस्थान में कई गंभीर स्किन बीमारियों का आधुनिक तकनीक से इलाज किया जा रहा है। इनमें विटिलिगो सर्जरी, हेयर रिमूवल, टेटू हटाना, बर्थमार्क उपचार, स्किन टाइटनिंग, झुर्रियों का इलाज, मस्से हटाना और सफेद दाग जैसी बीमारियों का समाधान शामिल है।
यहां डायोड लेजर अनचाहे बालों को हटाने, एनडी-याग लेजर बर्थमार्क और टैटू हटाने, जबकि फ्रेक्शनल CO2 लेजर स्कार और चेहरे के गड्ढों के इलाज में उपयोग हो रहा है। एचआईएफयू तकनीक से स्किन टाइटनिंग और एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट किया जा रहा है।
डॉ. दीपक माथुर ने बताया कि यह संस्थान स्किन रोगों के इलाज और रिसर्च दोनों के लिए एक बड़ा केंद्र बनेगा, जहां हर वर्ग के मरीजों को आधुनिक और सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।


