सवाई मानसिंह अस्पताल में मरीजों को सुगमता से उपचार उपलब्ध करवाने एवं क्राउड मैनेजमेंट के लिए अधिक रोगी भार वाले विभागों में ईवनिंग ओपीडी शुरू की जाएगी। पहले चरण में यह शुरूआत मेडिसिन विभाग से होगी। इसके साथ ही दवा वितरण काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाएगी एवं जांच के लिए सैम्पल कलेक्शन हेतु मानव संसाधन बढ़ाया जाएगा।
चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने गुरूवार को सवाई मानसिंह अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के निरीक्षण के दौरान इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा—निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सवाई मानसिंह अस्पताल देश के सबसे बड़े एवं नामी अस्पतालों में शामिल है, इसलिए यहां रोगीभार अधिक होना स्वाभाविक है, लेकिन रोगियों को इलाज में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। अधिक समय तक कतारों में नहीं खड़ा रहना पड़े, इसके लिए अस्पताल प्रशासन तात्कालिक इंतजाम सुनिश्चित करने के साथ ही दीर्घकालिक योजना पर भी काम करे।
ईवनिंग ओपीडी में वरिष्ठ चिकित्सक भी रहेंगे उपलब्ध—
सचिव गायत्री राठौड़ ने धन्वंतरि ओपीडी में कार्डियोलॉजी, मेडिसिन एवं आर्थोपेडिक्स विभाग का दौरा कर वहां स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विभागों में रोगी भार अत्यधिक रहता है, उनमें वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर ईवनिंग ओपीडी भी शुरू की जाए, ताकि रोगियों को ज्यादा समय तक अस्पताल में नहीं रहना पड़े। उन्होंने प्रथम चरण में मेडिसिन विभाग में शाम 5 से 7 बजे तक ओपीडी सेवाएं शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शाम के समय भी ओपीडी में वरिष्ठ चिकित्सकों सहित पर्याप्त संख्या में चिकित्सक एवं अन्य स्टाफ मौजूद रहेगा। यह व्यवस्था सफलतापूर्वक लागू होने पर अन्य विभागों में भी ईवनिंग ओपीडी शुरू किए जाने पर विचार किया जाएगा।
जल्द बढ़ाई जाएगी दवा वितरण केंद्रों की संख्या—
प्रमुख शासन सचिव ने दवा वितरण केंद्रों का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि रोगीभार को देखते हुए तत्काल प्रभाव से चार से पांच नए काउंटर खोले जाएं। साथ ही, आवश्यक दवा सूची में शामिल शत—प्रतिशत दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जो दवाएं नियमित आपूर्ति के माध्यम से प्राप्त नहीं हों, उनकी नियमानुसार खरीद कर रोगी को उपलब्ध करवाई जाएं। इसके लिए कॉन्फेड आदि संस्थाओं के साथ भी समन्वय किया जा सकता है। उन्होंने ब्लड सैम्पल कलेक्शन सेंटर का भी निरीक्षण किया और यहां मानव संसाधन बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि रोगियों को इंतजार नहीं करना पड़े।
छाया—पानी के हों पुख्ता प्रबंध, रोगियों को नहीं हो कोई परेशानी—
सचिव गायत्री राठौड़ ने अस्पताल में सामान्य वार्ड एवं अन्य चिकित्सा सेवाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने हीटवेव एवं तेज गर्मी के दृष्टिगत अस्पताल में कूलिंग के समुचित इंतजाम सुनिश्चित करने तथा रोगी एवं परिजनों के लिए पेयजल व छायादार स्थानों की उपलब्धता के लिए भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तात्कालिक आवश्यकताओं के लिए नियमानुसार आरएमआरएस के फण्ड का उपयोग किया जाए, लेकिन रोगियों को किसी प्रकार की तकलीफ नहीं हो।
रोगियों से संवाद कर लिया फीडबैक—
प्रमुख शासन सचिव ने निरीक्षण के दौरान रोगियों एवं उनके परिजनों से संवाद भी किया। उन्होंने अस्पताल में मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में फीडबैक लिया। रोगियों से मिले फीडबैक के आधार पर उन्होंने जरूरी सुधार करने के निर्देश भी दिए।


