कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सीकर जिले में औद्योगिक क्षेत्र स्थित बालाजी एग्रो इंडस्ट्रीज पर छापेमारी की कार्रवाई की। कृषि मंत्री डॉ.मीणा ने निरीक्षण के दौरान खाद एवं मूंगफली बीज से संबंधित दस्तावेजों की मौके पर जांच करने पर संबंधित फर्म द्वारा आवश्यक बिल, लाइसेंस, पैकेजिंग प्रोसेस उपलब्ध नहीं पाए गए।
कृषि मंत्री डॉ. मीणा के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संबंधित फर्म द्वारा बाजार से मूंगफली खरीदकर उसे प्रमाणित बीज के रूप में तैयार किया जा रहा था। साथ ही माल की पैकिंग गोविंदगढ़ जिला जयपुर में किए जाने तथा पैकिंग कट्टों पर सीकर स्थित फैक्ट्री का नाम अंकित होने पर कृषि मंत्री ने गंभीर नाराजगी जताते हुए इसे किसानों के साथ सरासर धोखाधड़ी बताया।
कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने मौके से खाद एवं मूंगफली बीज के नमूने लेकर जांच के निर्देश दिए तथा कृषि विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नमूने की जांच में अनियमितता पाई जाये तो संबंधित फर्म व्यक्तियों के विरुद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने कहा कि किसानों द्वारा उत्पादित ग्रेडर बीज के स्थान पर सीधे मंडियों से घटिया गुणवत्ता की मूंगफली खरीदकर बीज के रूप में बेचना किसानों के हितों के साथ बड़ा अन्याय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की मिलावट अथवा फर्जीवाड़ा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि गोविंदगढ़ स्थित गोदाम बिना अनुमति संचालित पाया गया है तथा सीकर इकाई में पैकेजिंग कार्य नहीं होने के बावजूद करोड़ों रुपए की बिक्री दर्शाई जा रही है। इस मामले में मूंगफली एवं अन्य बीजों के नमूनों की जीओ टेकिंग जांच करवाई जाएगी तथा विधिनुसार कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने बताया कि कि प्रारंभिक जांच में मूंगफली में “अफ्लाटॉक्सिन” फंगस की आशंका सामने आई है, जो फसल की गुणवत्ता एवं तेल उत्पादन को प्रभावित करता है तथा यह मानव स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। उन्होंने कहा कि राजस्थान देश में मूंगफली उत्पादन एवं निर्यात का प्रमुख राज्य है और गुणवत्ताहीन बीजों के कारण निर्यात प्रभावित होना गंभीर चिंता का विषय है।


