मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं को निरंतर सुदृढ़ बनाया जा रहा है। इस दिशा में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में स्वास्थ्य सेवाओं का मिशन मोड में निरीक्षण किया जा रहा है। विगत दिनों जिला प्रशासन की ओर से चिकित्सा संस्थानों सघन निरीक्षण किया गया था। इसी कड़ी में प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ सहित अन्य राज्य स्तरीय अधिकारियों ने चिकित्सा संस्थानों का ऑनलाइन निरीक्षण किया तथा प्रभारियों से संवाद किया।
प्रमुख शासन सचिव ने भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल, जिला अस्पताल नवलगढ़, झुंझुनूं तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रायसिंह नगर, श्रीगंगानगर का वीडियो कॉल के माध्यम से निरीक्षण किया। उन्होंने दोपहर 12 बजे बाद वीडियो कॉल कर इन संस्थानों में चिकित्साकर्मियों की उपस्थिति, ओपीडी एवं आईपीडी में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, नि:शुल्क जांच एवं दवा के बारे में विस्तार से जानकारी ली। साथ ही, चिकित्सा संस्थानों में साफ—सफाई की स्थिति, उपकरणों की क्रियाशीलता आदि के बारे में जायजा लिया। उन्होंने संस्थान प्रभारियों एवं अन्य चिकित्सा कर्मियों से संवाद कर विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में वस्तुस्थिति जानी। साथ ही, रोगियों से बात कर स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में फीडबैक प्राप्त किया।
गायत्री राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार सभी चिकित्सा संस्थानों में पेशेंट सेंट्रिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही हैं। सभी स्वास्थ्यकर्मी एवं अधिकारी इसी भावना के अनुरूप पूरी संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करे। अस्पताल में आने वाले रोगियों को उपचार में किसी तरह की परेशानी नहीं आए, इसका ध्यान रखा जाए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवा, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण आदि मानकों को और बेहतर करने की दिशा में प्रयास किए जाएं। कैंसर व टीबी स्क्रीनिंग सहित अन्य रोगी की स्क्रीनिंग पर फोकस किया जाए। प्रभावी स्क्रीनिंग होने से से स्वास्थ्य मानकों को बेहतर करने में मदद मिलेगी। साथ ही, आमजन स्वस्थ्य जीवन शैली के प्रति जागरूक हो सकेंगे।
गायत्री राठौड़ ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में योग एवं वैलनेस गतिविधियों सहित अन्य सेवाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हों, ताकि लोगों को सामान्य उपचार के लिए शहरों में नहीं जाना पड़े। उन्हें घर के नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण उपचार मिले। अस्पताल में उपलब्ध सभी संसाधनों, जांच मशीनों आदि का समुचित उपयोग सुनिश्चित हो। कोई भी जांच उपकरण खराब होने पर तत्काल प्रभाव से उसकी मेंटीनेंस सुनिश्चित की जाए। रोगियों को को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए क्यू मैनेजमेंट सिस्टम, हेल्प डेस्क, रामाश्रय वार्ड जैसे नवाचारों को अपनाया जाए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव, अतिरिक्त मिशन निदेशक डॉ. टी. शुभमंगला, राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. निधि पटेल, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, निदेशक एड्स डॉ. सुशील परमार सहित अन्य अधिकारियों ने भी वीडियो कॉल कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। संयुक्त निदेशक डॉ. सुनील सिंह ने बताया कि अधिकारियों ने झुंझुनूं, बांसवाड़ा, दौसा, नागौर, जयपुर, बीकानेर, खैरथल—तिजारा, चित्तौड़गढ़, डीग, उदयपुर, बालोतरा, बाड़मेर, गंगानगर, भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर एवं झालावाड़ जिलों के चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण किया। आनलाइन संवाद का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।


