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Reading: जनजाति संस्कृति हमारे समाज की अमूल्य धरोहर ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट से बढ़ेगा पर्यटन – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
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जनजाति संस्कृति हमारे समाज की अमूल्य धरोहर ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट से बढ़ेगा पर्यटन – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

Last updated: 10.01.2026 12:53 pm
Anjali Dadhich
Published: 10.01.2026

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जनजाति संस्कृति हमारे समाज की अमूल्य धरोहर है। राज्य सरकार पं. दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के संकल्प को आत्मसात् कर जनजाति समाज के समग्र उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री कार्यालय में जनजाति विकास के हितधारकों के साथ बजट पूर्व चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं का समाज से विशेष जुड़ाव होता है और वे समाज की चुनौतियों और आवश्यकताओं से भली-भांति परिचित होते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि जनजाति क्षेत्र से जुड़े सुझावों को आगामी बजट में समाहित करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे प्रदेश में जनजाति कल्याण को नई दिशा मिल सके।

जनजाति संस्कृति से जुड़ेगी नई पीढ़ी

                मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजाति संस्कृति तथा वैभव को संरक्षित करने के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। राज्य सरकार ने जनजाति क्षेत्र की राजीविका महिलाओं द्वारा तैयार की गई फूलों की गुलाल को खरीदकर आजीविका संवर्धन को प्रोत्साहित किया। इसी तरह बेणेश्वर धाम तथा मानगढ़ धाम को ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बेणेश्वर धाम में सोम, माही और जाखम नदी के संगम पर विशाल आदिवासी मेले को और भव्य बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिससे नई पीढ़ी को जनजाति इतिहास और संस्कृति से जोड़ा जा सकेगा।

प्रधानमंत्री ने आदिवासी गौरव को दी नई पहचान

                मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती (जनजाति गौरव दिवस) पर वर्ष 2023 में पीएम-जनमन अभियान शुरू किया गया, जिसके तहत 9 मंत्रालयों की 11 योजनाओं का एकीकृत क्रियान्वयन कर जनजाति समाज को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत बारां जिले में अब तक लगभग 11 हजार प्रधानमंत्री आवास, 16 हजार से अधिक विद्युत कनेक्शन, 3 हजार 760 पेयजल कनेक्शन, 12 मल्टी परपज सेंटर और 11 संपर्क सड़कों के काम पूरे हो चुके हैं। साथ ही 21 नए छात्रावास, 51 नए आंगनबाड़ी केंद्र और 51 नए वन धन केंद्र स्वीकृत किए गए हैं।

जनजाति बहुल गांवों का हो रहा सर्वांगीण विकास

                मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत पक्के मकान, सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन के माध्यम से जनजाति बहुल गांवों का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में राज्य के 6 हजार से अधिक गांव चयनित किए गए हैं, जिससे राज्य के लगभग 55 लाख जनजाति भाई-बहनों के जीवन स्तर में सुधार होगा। इसके साथ ही संचालित आदि कर्मयोगी अभियान में भी 1 लाख 17 हजार से अधिक कर्मयोगियों, आदि सहयोगियों व आदि साथियों को प्रशिक्षित किया गया है।

जनजाति कृषकों को सब्जी बीज मिनिकिट वितरित

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने गत बजट में जनजाति विकास कोष की राशि को एक हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर एक हजार 750 करोड़ रुपये करने की घोषणा की। साथ ही, डूंगरपुर तथा बांसवाडा में डूंगर बरंडा व बांसिया चारपोटा में जनजाति नायकों के स्मारकों तथा उदयपुर में वीर बालिका कालीबाई संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने गत दो वर्षों में जनजाति क्षेत्र में 9 आश्रम छात्रावास, 3 आवासीय विद्यालय, 1 नया खेल छात्रावास और 240 नए मां-बाड़ी केंद्र स्वीकृत किए हैं तथा छात्रावासों तथा आवासीय विद्यालयों में मैस भत्ता 3 हजार 250 रुपये प्रतिमाह किया गया है। साथ ही खरीफ एवं रबी 2025-26 में 50 हजार जनजाति कृषकों को सब्जी बीज मिनिकिट उपलब्ध कराए गए है।  

बैठक में उदयपुर, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, सलूंबर, बारां, सिरोही सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के जनजाति कल्याण से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं और संस्थाओं ने जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में शिक्षा, चिकित्सा, आधारभूत संरचना, रोजगार, सिंचाई सहित जनजाति कल्याण से जुड़े विषयों पर सुझाव दिए।

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