राजस्थान सरकार की ओर से आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से लगाए जा रहे शहरी समस्या समाधान शिविर अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते नजर आ रहे हैं। जयपुर शहर से सांसद मंजू शर्मा ने सोमवार को नगर निगम हेरिटेज के हवामहल और आमेर जोन में आयोजित समाधान शिविरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान शिविरों में बड़ी संख्या में आम नागरिक अपने लंबित कामकाज को लेकर परेशान दिखाई दिए।
निरीक्षण के दौरान जनता ने सांसद के सामने अपनी पीड़ा खुलकर रखी। लोगों ने बताया कि शिविरों में आवेदन लेने के बावजूद महीनों से फाइलें पेंडिंग पड़ी हैं और अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे। सांसद मंजू शर्मा ने मौके पर ही अधिकारियों से जनता के कार्यों का ब्यौरा मांगा, लेकिन अधिकारी संतोषजनक जानकारी देने में असफल रहे। इस पर सांसद ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
सांसद मंजू शर्मा ने नगर निगम हवामहल-आमेर जोन की डिप्टी कमिश्नर सीमा चौधरी से दो टूक शब्दों में कहा कि वे किसी व्यक्तिगत कार्य के लिए नहीं, बल्कि जनता के हित के लिए सवाल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी जनता के काम नहीं करेंगे, तो इस पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। सांसद ने यह भी सवाल उठाया कि जब जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए 10-10 चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, तो अधिकारियों को वेतन किस बात का दिया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान सांसद ने सभी अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कार्यप्रणाली में तुरंत सुधार नहीं हुआ, तो कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा कि जनता अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा जनप्रतिनिधियों को भुगतना पड़ता है, क्योंकि लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके पास पहुंचते हैं।
शिविर में मौजूद लोगों ने सांसद को यह भी बताया कि पूरे क्षेत्र में अवैध निर्माण की बाढ़ आ गई है। सरकारी जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं, लेकिन नगर निगम के अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। सांसद ने इस पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों से पेंडिंग फाइलों और शिकायतों की विस्तृत जानकारी मांगी।


