जयपुर के सवाई मानसिंह इंडोर स्टेडियम में भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को प्राकृतिक एवं रसायन मुक्त खेती की ओर प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल खेती की लागत को कम करने का प्रभावी माध्यम है, बल्कि इससे मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है और किसानों की आय में वृद्धि होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र को टिकाऊ और लाभकारी बनाने की आवश्यकता है। इसके लिए प्राकृतिक खेती एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में उभर रही है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम करके किसान अपनी उत्पादन लागत घटा सकते हैं तथा बेहतर गुणवत्ता वाली फसल का उत्पादन कर सकते हैं।

भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्राकृतिक खेती आत्मनिर्भर कृषि, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे भूमि की गुणवत्ता सुरक्षित रहती है, जल संरक्षण को बढ़ावा मिलता है और लोगों को सुरक्षित एवं पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध होती है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यशाला में बड़ी संख्या में किसान, कृषि विशेषज्ञ और भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती के लाभों और आधुनिक कृषि चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।


