मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापारिक समझौते से पूरे देश के साथ-साथ राजस्थान के लिए भी असीमित संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। उन्होंने इस समझौते के लिए यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को बधाई देते हुए उनका आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। यह राहत हमारे निर्यात क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगी। उन्होंने कहा कि जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं मिलकर काम करती हैं, तो दोनों देशों के लोगों को लाभ होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समझौते के माध्यम से प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के विजन को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिली है। उनके नेतृत्व में भारत ने पिछले 6 वर्षों में 9 ट्रेड डील की हैं। पूरा विश्व भारत की क्षमता का लौहा मान रहा है एवं वैश्विक स्तर पर भारत की साख बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान देश का अग्रणी निर्यातक राज्य है। इस समझौते से भीलवाड़ा, पाली, बालोतरा, जयपुर जैसे वस्त्र निर्माण के केंद्र अमेरिकी बाजार तक पहुंच बनाएंगे। जब हमारे उद्योग समृद्ध होंगे और निर्यात बढ़ेगा तो रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इस प्रकार बड़े व्यापक आर्थिक प्रभाव के साथ इस समझौते से अर्थव्यवस्था को अधिक गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योग को भी इससे नई ऊर्जा मिलेगी। ब्लू पॉटरी, लघु चित्रकला, संगमरमर की नक्काशी, लकड़ी के हस्तशिल्प और हाथ से बने वस्त्रों की शुल्क घटने से मांग बढ़ेगी। हमारे रत्न और आभूषण उद्योग के लिए भी यह समझौता बड़ी राहत लेकर आया है। प्रदेश के व्यापारियों को अमेरिकी बाजार में बेहतर प्रतिस्पर्धा का मौका मिलेगा। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए यह वरदान है। राजस्थान में लाखों एमएसएमई इकाइयां हैं जो रोजगार का सबसे बड़ा स्रोत हैं।


