वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। यह दुखद घटना न सिर्फ उद्योग जगत बल्कि देशभर के लिए गहरा आघात है। अग्निवेश अमेरिका में स्कीइंग के दौरान घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान बुधवार को उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उनका निधन हो गया।
अनिल अग्रवाल ने बुधवार रात करीब 10 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक पोस्ट के माध्यम से बेटे के निधन की जानकारी दी। उन्होंने इस दिन को अपने जीवन का “सबसे अंधकारमय दिन” बताया। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि वे अपने बेटे से किए गए वादे को निभाते हुए अपनी कुल कमाई का 75 प्रतिशत समाज को लौटाएंगे। उनकी इस घोषणा को सामाजिक दायित्व और सेवा भावना के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दुखद समाचार पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने अनिल अग्रवाल की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए X पर लिखा, “अग्निवेश अग्रवाल का असामयिक निधन अत्यंत चौंकाने वाला और दुखदायी है। इस हृदयस्पर्शी श्रद्धांजलि में आपके गहन शोक की गहराई स्पष्ट झलक रही है। प्रार्थना है कि आप और आपका परिवार निरंतर शक्ति एवं साहस प्राप्त करें। ओम शांति।”
अनिल अग्रवाल ने बताया कि अग्निवेश अग्रवाल का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। उन्होंने अजमेर के प्रतिष्ठित मेयो कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की और इसके बाद एक सफल पेशेवर करियर बनाया। अग्निवेश वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के बोर्ड में शामिल थे। इसके अलावा वे 2019 तक हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के चेयरमैन भी रहे।
कॉमर्स में ग्रेजुएट अग्निवेश अग्रवाल ने भारत में माइनिंग सेक्टर को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से हिंदुस्तान जिंक को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली और कंपनी विश्व की शीर्ष जिंक उत्पादक कंपनियों में शामिल हुई। वे फुजैराह गोल्ड के प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर भी रहे, जिसकी स्थापना 2009 में हुई थी। इसके साथ ही वे अलुवर्क्स लिमिटेड और वेदांता से जुड़ी कई पावर कंपनियों के बोर्ड का हिस्सा रहे।
अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे को एक उत्कृष्ट खिलाड़ी, संगीतकार और दूरदर्शी लीडर बताया। उन्होंने कहा कि अग्निवेश अपनी गर्मजोशी, विनम्रता और दयालु स्वभाव के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से उद्योग जगत ने एक होनहार नेतृत्वकर्ता को खो दिया है।


