बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी ने 60 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी मामले में अपने ऊपर लगे आरोपों पर आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि उनका नाम इस मामले से जोड़ना पूरी तरह बेबुनियाद है। शिल्पा ने कहा कि उनका संबंधित कंपनी से केवल नॉन-एग्जीक्यूटिव लेवल का जुड़ाव था और कंपनी के ऑपरेशन, वित्त, निर्णय निर्माण या किसी साइनिंग अथॉरिटी में उनका कोई रोल नहीं रहा।
शिल्पा ने अपने बयान में यह भी कहा कि उन्होंने एक होम शॉपिंग चैनल के लिए कुछ प्रोडक्ट्स केवल प्रोफेशनल एंडोर्समेंट के तहत किए थे, जिनकी पेमेंट उन्हें आज तक नहीं मिली। उन्होंने बताया कि उनके परिवार की ओर से करीब 20 करोड़ रुपये कंपनी को लोन के रूप में दिए गए थे, जो अब तक वापस नहीं किए गए।
एक्ट्रेस ने आरोप लगाया कि लगभग नौ साल बाद उन्हें इस मामले में घसीटना कानूनी तौर पर टिकाऊ नहीं है और इस तरह के आरोप महिला की गरिमा और इमेज को नुकसान पहुंचाते हैं। शिल्पा ने भगवद गीता का हवाला देते हुए कहा कि जब अन्याय का विरोध करना आपका कर्तव्य हो और आप ऐसा न करें तो यह अधर्म है।
शिल्पा शेट्टी ने बताया कि उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट में क्वैशिंग पिटीशन दाखिल की है और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है। साथ ही उन्होंने मीडिया से तथ्य जांच कर जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करने की अपील की।
इससे पहले खबरें आई थीं कि शिल्पा के मुंबई स्थित घर पर इनकम टैक्स की रेड हुई है। हालांकि, उनके वकील प्रशांत पाटिल ने साफ किया कि उनके खिलाफ कोई रेड नहीं हुई और आईटी अधिकारी केवल रूटीन चेकिंग के लिए आए थे। उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग जानबूझकर यह दावा कर रहे हैं कि जांच किसी कथित आर्थिक अपराध शाखा (EOW) से संबंधित है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह बयान उन रिपोर्ट्स के बाद आया, जिनमें दावा किया गया था कि शिल्पा और उनके पति राज से जुड़ी कंपनियों पर मुंबई, बेंगलुरु और पुणे समेत कई शहरों में इनकम टैक्स कार्रवाई चल रही है।


