By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Great Rajasthan NewsGreat Rajasthan NewsGreat Rajasthan News
  • होम
  • देश
    • राष्ट्रीय समाचार
    • दिल्ली
    • मुंबई
    • कोलकाता
    • चेन्नई
    • अन्य राज्य
  • राजस्थान
    • जयपुर
    • जोधपुर
    • उदयपुर
    • कोटा
    • अजमेर
    • बीकानेर
    • अलवर
    • भरतपुर
    • पाली
    • सीकर
    • अन्य जिले
  • राजनीति
    • राज्य राजनीति
    • राष्ट्रीय राजनीति
    • चुनाव
    • विधानसभा
    • लोकसभा
    • राज्यसभा
  • बॉलीवुड
    • फिल्म समाचार
    • सेलिब्रिटी न्यूज़
    • बॉक्स ऑफिस
    • टीवी न्यूज़
    • रियलिटी शो
    • मनोरंजन
  • खेल
    • क्रिकेट
    • फुटबॉल
    • हॉकी
    • टेनिस
    • बैडमिंटन
    • अन्य खेल
  • शिक्षा
    • स्कूल न्यूज़
    • कॉलेज न्यूज़
    • परीक्षा परिणाम
    • प्रतियोगी परीक्षा
    • छात्रवृत्ति
    • करियर गाइड
  • रोजगार
    • सरकारी नौकरी
    • प्राइवेट जॉब्स
    • रिजल्ट न्यूज़
    • भर्ती अपडेट
  • हमारे बारे में
  • संपर्क
Reading: हड़ताल और सरकारी दखल के बाद क्विक कॉमर्स कंपनियों ने हटाया ‘10 मिनट में डिलीवरी’ का दावा
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
Great Rajasthan NewsGreat Rajasthan News
  • Home
    • Home News
    • Home 2
    • Home 3
    • Home 4
    • Home 5
  • Categories
    • Health
  • Bookmarks
    • Customize Interests
    • My Bookmarks
  • More Foxiz
    • Blog Index
    • Sitemap
Have an existing account? Sign In
Follow US
News

हड़ताल और सरकारी दखल के बाद क्विक कॉमर्स कंपनियों ने हटाया ‘10 मिनट में डिलीवरी’ का दावा

Last updated: 13.01.2026 5:22 pm
Anjali Dadhich
Published: 13.01.2026

ब्लिंकिट समेत देश की प्रमुख क्विक कॉमर्स कंपनियों ने अब अपने विज्ञापनों और ब्रांडिंग से ‘10 मिनट में डिलीवरी’ का दावा हटा दिया है। यह अहम फैसला डिलीवरी राइडर्स की हड़ताल, बढ़ती आलोचना और केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद लिया गया है। ब्लिंकिट के साथ-साथ स्विगी, जोमैटो और जेप्टो ने भी सरकार को भरोसा दिलाया है कि वे अब ग्राहकों से किसी निश्चित समय सीमा में डिलीवरी का वादा करने वाले विज्ञापन नहीं चलाएंगे।

इस मुद्दे पर हाल ही में केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में क्विक कॉमर्स कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक हुई। बैठक में साफ शब्दों में कहा गया कि किसी भी कंपनी का बिजनेस मॉडल वर्कर्स की जान जोखिम में डालकर नहीं चल सकता। श्रम मंत्री ने कहा कि 10 मिनट जैसी समय सीमा न केवल डिलीवरी राइडर्स के लिए खतरनाक है, बल्कि सड़क पर चलने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती है।

बैठक में तीन बड़े फैसले लिए गए। पहला, कंपनियां ऐसी ब्रांडिंग और विज्ञापन रणनीति से बचेंगी, जिससे राइडर्स पर समय का अनावश्यक दबाव बने। दूसरा, सरकार अब गिग वर्कर्स की सामाजिक सुरक्षा, बेहतर कार्य परिस्थितियों और अधिकारों को लेकर एक व्यापक नीति तैयार करने की दिशा में काम करेगी। तीसरा, यह स्पष्ट किया गया कि ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाना अलग बात है, लेकिन असंभव समय सीमा का प्रचार करना अस्वीकार्य है।

क्विक कॉमर्स कंपनियों ने कहा है कि वे अपनी सेवाओं की गति और तकनीकी क्षमता को बनाए रखेंगी, लेकिन अब विज्ञापनों में ग्राहकों को ऐसे वादे नहीं किए जाएंगे, जिससे राइडर्स पर तेज गाड़ी चलाने या ट्रैफिक नियम तोड़ने का दबाव पड़े। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और विशेषज्ञ मंचों पर 10–15 मिनट में डिलीवरी मॉडल की तीखी आलोचना हो रही थी। सड़क सुरक्षा संगठनों का मानना था कि इस दबाव के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

इस फैसले का राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी स्वागत हुआ है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने इसे गिग वर्कर्स के पक्ष में एक बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि जब राइडर की टी-शर्ट, बैग या ऐप स्क्रीन पर ‘10 मिनट’ का टाइमर चलता है, तो यह दबाव वास्तविक और खतरनाक होता है। सरकार के इस कदम से न सिर्फ डिलीवरी राइडर्स बल्कि सड़क पर चलने वाले हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

[ruby_related total=5 layout=5]

Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Quick Link

  • Contact
  • Blog
  • Complaint
  • Advertise

Top Categories

  • My Bookmarks
  • Customize Interests

Subscribe

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

[mc4wp_form]

Great Rajasthan NewsGreat Rajasthan News
© Great Rajasthan News. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account