By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Great Rajasthan NewsGreat Rajasthan NewsGreat Rajasthan News
  • होम
  • देश
    • राष्ट्रीय समाचार
    • दिल्ली
    • मुंबई
    • कोलकाता
    • चेन्नई
    • अन्य राज्य
  • राजस्थान
    • जयपुर
    • जोधपुर
    • उदयपुर
    • कोटा
    • अजमेर
    • बीकानेर
    • अलवर
    • भरतपुर
    • पाली
    • सीकर
    • अन्य जिले
  • राजनीति
    • राज्य राजनीति
    • राष्ट्रीय राजनीति
    • चुनाव
    • विधानसभा
    • लोकसभा
    • राज्यसभा
  • बॉलीवुड
    • फिल्म समाचार
    • सेलिब्रिटी न्यूज़
    • बॉक्स ऑफिस
    • टीवी न्यूज़
    • रियलिटी शो
    • मनोरंजन
  • खेल
    • क्रिकेट
    • फुटबॉल
    • हॉकी
    • टेनिस
    • बैडमिंटन
    • अन्य खेल
  • शिक्षा
    • स्कूल न्यूज़
    • कॉलेज न्यूज़
    • परीक्षा परिणाम
    • प्रतियोगी परीक्षा
    • छात्रवृत्ति
    • करियर गाइड
  • रोजगार
    • सरकारी नौकरी
    • प्राइवेट जॉब्स
    • रिजल्ट न्यूज़
    • भर्ती अपडेट
  • हमारे बारे में
  • संपर्क
Reading: 18 वर्षीय पायल नाग ने रचा इतिहास, शीतल देवी को हराकर जीता इंटरनेशनल गोल्ड—संघर्ष से बनी ‘मिरेकल आर्चर’
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
Great Rajasthan NewsGreat Rajasthan News
  • Home
    • Home News
    • Home 2
    • Home 3
    • Home 4
    • Home 5
  • Categories
    • Health
  • Bookmarks
    • Customize Interests
    • My Bookmarks
  • More Foxiz
    • Blog Index
    • Sitemap
Have an existing account? Sign In
Follow US
News

18 वर्षीय पायल नाग ने रचा इतिहास, शीतल देवी को हराकर जीता इंटरनेशनल गोल्ड—संघर्ष से बनी ‘मिरेकल आर्चर’

Last updated: 06.04.2026 3:43 pm
Anjali Dadhich
Published: 06.04.2026

वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 गोल्ड, 5 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज सहित कुल 16 मेडल जीतकर अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया है। इस प्रतियोगिता में सबसे बड़ी चर्चा ओडिशा की 18 वर्षीय पायल नाग की रही, जिन्होंने वर्ल्ड नंबर-1 और वर्ल्ड चैंपियन शीतल देवी को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। महिला कंपाउंड फाइनल में पायल ने शीतल को 139-136 से मात दी। यह पिछले एक साल में शीतल पर पायल की दूसरी जीत है। इससे पहले जनवरी 2025 में भी वह उन्हें हरा चुकी हैं। खास बात यह है कि पायल का यह सीनियर कैटेगरी में पहला इंटरनेशनल गोल्ड है।

पायल नाग की कहानी संघर्ष, साहस और जिद की मिसाल है। साल 2015 में ओडिशा के बलांगीर जिले में एक दर्दनाक हादसे में बिजली के तार की चपेट में आने से उन्होंने अपने दोनों हाथ और दोनों पैर गंवा दिए थे। उस समय उनकी उम्र मात्र 8 साल थी। हादसे के बाद समाज और रिश्तेदारों की कड़वी बातें उनके परिवार को तोड़ सकती थीं, लेकिन पायल और उनकी मां ने हार नहीं मानी।

पायल की मां ने उन्हें मुंह से पेन पकड़कर लिखना सिखाया और यहीं से उनकी नई शुरुआत हुई। उन्होंने माउथ पेंटिंग में भी राज्य स्तर पर गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद उनका रुझान आर्चरी की ओर हुआ। शुरुआत में जब उन्होंने दूसरों को हाथों से धनुष चलाते देखा, तो निराशा हुई, लेकिन कोच कुलदीप वेदवान ने उन्हें नई राह दिखाई।

पायल ने अपनी एक अनोखी तकनीक विकसित की। वह प्रोस्थेटिक पैरों की मदद से धनुष को थामती हैं, दांतों से उसकी डोरी खींचती हैं और कंधे के दबाव से तीर छोड़ती हैं। उनकी इसी अद्भुत क्षमता को देखते हुए शीतल देवी ने उन्हें ‘इंडियाज मिरेकल आर्चर’ का नाम दिया।

आज पायल नाग न केवल देश के लिए मेडल जीत रही हैं, बल्कि लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।

[ruby_related total=5 layout=5]

Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Quick Link

  • Contact
  • Blog
  • Complaint
  • Advertise

Top Categories

  • My Bookmarks
  • Customize Interests

Subscribe

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

[mc4wp_form]

Great Rajasthan NewsGreat Rajasthan News
© Great Rajasthan News. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account