देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में पिछले 8 दिनों से जारी संकट के बीच सरकार ने अब सख्त कदम उठाया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की हाई लेवल बैठक के बाद DGCA ने इंडिगो की उड़ानों में 5 प्रतिशत कटौती का आदेश जारी किया है। यह कटौती खासतौर पर हाई-डिमांड और हाई-फ्रीक्वेंसी रूट्स पर लागू की गई है। इसका सीधा असर इंडिगो की रोजाना संचालित होने वाली लगभग 2300 उड़ानों पर पड़ेगा, जिससे करीब 115 फ्लाइट्स हर दिन कम होंगी।
DGCA ने इंडिगो को यह भी निर्देश दिया है कि वह बुधवार शाम 5 बजे तक अपना संशोधित उड़ान शेड्यूल जमा करे। सूत्रों के अनुसार इंडिगो हर दिन देश के करीब 90 घरेलू और 40 से अधिक अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन पर 2200 से ज्यादा फ्लाइट्स संचालित करती है, ऐसे में 5% कटौती का बड़ा असर यात्रियों की आवाजाही पर पड़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि हालात के आकलन के बाद भविष्य में यह कटौती और बढ़ाई भी जा सकती है।
मौजूदा स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने यात्रियों की समस्याओं की ग्राउंड रिपोर्ट लेने के लिए 10 बड़े एयरपोर्ट पर वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की है। इनमें मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे, गुवाहाटी, गोवा और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं। ये अधिकारी डिप्टी सेक्रेटरी, डायरेक्टर और जॉइंट सेक्रेटरी स्तर के हैं, जो यात्रियों की परेशानियों और व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।

इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने दावा किया है कि कंपनी का ऑपरेशन अब स्थिर हो गया है और लाखों यात्रियों को पूरा रिफंड दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इंडिगो अपने सभी 138 नेटवर्क पॉइंट्स पर दोबारा लौट चुकी है और सरकार के साथ पूरा सहयोग कर रही है।
हालांकि, इसके बावजूद फ्लाइट कैंसिलेशन का सिलसिला जारी है। मंगलवार सुबह 10:30 बजे तक बेंगलुरु और हैदराबाद से 180 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जिससे हजारों यात्री प्रभावित हुए हैं।


