इज़राइल और अमेरिका के हमले लगातार दूसरे दिन भी जारी रहे, और मध्य-पूर्व में तनाव अब और बढ़ गया है। रविवार कोईरानी इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के हेडक्वार्टर को निशाना बनाया गया। इससे पहले शनिवार को संयुक्त हमलों में ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो चुकी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को दावा किया कि इन हमलों में अब तक 48 ईरानी “नेता” मारे गए हैं और अमेरिका ने ईरान के नौ युद्धपोत डुबो दिए हैं। वहीं, इजराइली वायुसेना ने बताया कि पिछले 24 घंटों में अमेरिका के साथ मिलकर उसने ईरान पर 1,200 से अधिक बम गिराए हैं। खामनेई के ऑफिस परिसर पर 30 मिसाइलों से हमला किया गया, जिसमें उनके परिवार के कई लोग — बेटी, दामाद, बहू और पोती — समेत लगभग 40 कमांडर मारे गए।
ईरान में खामनेई की मौत के बाद 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिन का सरकारी अवकाश घोषित कर दिया गया है। प्रतिक्रिया में ईरानी सेना ने इज़राइल और मध्य-पूर्व के कई अन्य देशों में जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। इज़राइल में एक हमले में नौ नागरिकों की मौत की खबर है, जबकि तीन अमेरिकी सैनिक भी शहीद हुए हैं।
ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि वे ईरान के जवाबी हमलों को रोकने में अमेरिका और उसके साझेदारों के साथ काम करने को तैयार हैं।
ईरान में सत्ता संभालने के लिए एक अस्थायी समिति का गठन किया गया है, जिसमें देश के राष्ट्रपति मसूद पजश्कियान, न्यायपालिका प्रमुख मोहसेनी एजेही और धार्मिक नेता अली रजा अराफी शामिल हैं। इस समिति का उद्देश्य स्थिति को संभालना और अंतरिम नेतृत्व प्रदान करना बताया जा रहा है।


