मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैसाखी के पावन अवसर पर जयपुर के प्रताप नगर स्थित गुरुद्वारे में मत्था टेका और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने सभी को बैसाखी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल फसल कटाई का त्योहार नहीं है, बल्कि जीवन में नई उमंग और नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि किसान की मेहनत जब खेतों में लहलहाती है, तो हर दिल में संतोष उतर आता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख समाज ने अपनी सेवा और समर्पण से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने देश के लिए जो बलिदान दिया वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना के साथ देश के विकास का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में, करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण एवं 26 दिसम्बर को वीर बाल दिवस मनाने का निर्णय ऐतिहासिक है।

उन्होंने कहा कि आज के ही दिन गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना के साथ एक ऐसी परंपरा शुरू की थी, जो हमें याद दिलाती है कि सच्चाई के लिए जीना ही मनुष्यता का सर्वप्रथम लक्षण है। वहीं, गुरुद्वारे में एक पंगत में बैठकर प्रसाद पाना सिखाता है कि समाज की असली ताकत मिलकर चलने में ही है। दुनिया में शायद ही कोई और ऐसी परंपरा हो जो इतनी सादगी से समानता का पाठ पढ़ाती हो।
इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधन समिति द्वारा मुख्यमंत्री को कृपाण भेंट कर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल सहित कई जनप्रतिनिधिगण, गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के पदाधिकारी, सिख समाज के प्रबुद्धजन एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


