मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रहित में व्यय नियंत्रण एवं वित्तीय अनुशासन को लेकर किए गए आह्वान के अनुरूप राज्य सरकार भी प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने इस पहल का समर्थन करते हुए ईंधन एवं पेट्रोल व्यय में कमी लाने के उद्देश्य से अपने काफिले के आकार में कटौती की है, जो वित्तीय अनुशासन एवं मितव्ययिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्य सचिव शासन सचिवालय में आयोजित बजट घोषणाओं की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की लंबित बजट घोषणाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करते हुए वर्ष 2026-27 की घोषणाओं के लिए स्पष्ट कार्ययोजना एवं समयबद्ध रोडमैप तैयार कर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही जिन बजट घोषणाओं में भूमि आवंटन, तकनीकी स्वीकृतियां, DPR, निविदाएं, वन एवं पर्यावरण स्वीकृतियां एवं अन्य प्रक्रियात्मक कार्यवाही लंबित है, उनमें संबंधित विभागों द्वारा समन्वित एवं त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि विभाग आर्थिक मितव्ययिता के उपायों को गंभीरता से अपनाएं तथा अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी इसके प्रति संवेदनशील बनाकर अनावश्यक व्यय में कटौती सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान टेक्सटाइल एवं अन्य विभिन्न उत्पादों का एक प्रमुख निर्यात केंद्र है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि व्यय नियंत्रण के उपायों का प्रतिकूल प्रभाव निर्यात गतिविधियों पर न पड़े तथा उद्योगों को आवश्यक सहयोग मिलता रहे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष से 16वें वित्त आयोग पुरस्कार की शुरूआत की गई है। सभी संबंधित अधिकारी आयोग की सिफारिशों का गंभीरता से अध्ययन करें तथा समय रहते आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया ने कहा कि केंद्र सरकार प्रवर्तित योजनाओं के अंतर्गत “मदर सैंक्शन” प्राथमिकता के आधार पर प्राप्त करने की कार्यवाही शीघ्र पूरी की जाए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न हो।
शासन सचिव, आयोजना रवि कुमार सुरपुर ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से 33 विभागों की बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में SNA -SPARSH, PFMS, SASCI Fund एवं अन्य वित्तीय विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


