अदीस अबाबा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को इथियोपिया के अपने पहले राजकीय दौरे के दूसरे दिन देश के सर्वोच्च सम्मान ‘द ग्रेट ऑनर निशां ऑफ इथियोपिया’ से सम्मानित हुए। वे यह सम्मान पाने वाले पहले वैश्विक नेता बन गए हैं। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि यह सम्मान मेरे लिए अत्यंत गौरव की बात है और इसे भारत-इथियोपिया साझेदारी को मजबूत करने वाले सभी भारतीयों के लिए समर्पित करते हैं।
मोदी का इथियोपिया दौरा इस वर्ष उनकी पहली यात्रा है और इसे दो दिवसीय राजकीय दौरे के रूप में आयोजित किया गया है। कल यानी दौरे के पहले दिन, पीएम अबी अहमद अली ने उन्हें अदीस अबाबा के नेशनल पैलेस में औपचारिक स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक में भारत और इथियोपिया के बीच आर्थिक, तकनीकी और शैक्षणिक सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।

बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि यह उनका पहला इथियोपिया दौरा है, लेकिन देश में उतरते ही उन्हें गहरी अपनापन और परिचितता का एहसास हुआ। उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि यह दौरा उनके लिए अत्यंत खुशी और प्रेरणा का अवसर है। वहीं, पीएम अबी अहमद अली ने मोदी की सोच की तारीफ की और कहा कि भारत हमेशा अफ्रीका के साथ साझेदारी की जरूरतों के अनुसार काम करता रहा है।
इस दौरे के दौरान पीएम मोदी को अदीस अबाबा एयरपोर्ट पर पीएम अहमद अली ने पारंपरिक कॉफी पिलाकर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने खुद कार चलाकर मोदी को होटल पहुंचाया और रास्ते में उन्हें साइंस म्यूजियम और मैत्री पार्क भी दिखाया।

बैठक में इथियोपिया के छात्रों के लिए स्कॉलरशिप राशि को दोगुना करने की घोषणा भी की गई। इसके अलावा, पीएम मोदी ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर संवेदना व्यक्त की और आतंकवाद के खिलाफ भारत के समर्थन के लिए इथियोपियाई प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया।
पीएम अहमद अली ने बैठक में यह भी बताया कि देश में विदेशी निवेश तेजी से बढ़ रहा है और भारत सबसे बड़े निवेशकों में से एक बनकर उभरा है। वर्तमान में इथियोपिया में 615 से अधिक भारतीय कंपनियां सक्रिय हैं। दोनों नेताओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और कृषि क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।


