एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान के टॉप-10 मोस्ट वांटेड बदमाश को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले आठ वर्षों से फरार चल रहा था और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। गिरफ्तार बदमाश की पहचान रमेश कुमार उर्फ अनिल उर्फ रामलाल (31) निवासी धोरीमन्ना, बाड़मेर के रूप में हुई है। वह एमडी ड्रग्स तस्करी के बड़े नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
आईजी (एटीएस) विकास कुमार ने बताया कि ANTF की टीम ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित न्यू टाउन इलाके में किराए के एक फ्लैट पर दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया। रमेश कुमार के खिलाफ राजस्थान सहित गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक में कुल 36 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें ड्रग्स तस्करी, चोरी, मारपीट, फिरौती और अपहरण जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। इसके अलावा, असम और मणिपुर में भी फर्जी नामों से उसके खिलाफ केस दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
बताया गया कि वर्ष 2018 में बाड़मेर जिले के एक थाने में ड्रग्स तस्करी का मामला दर्ज होने के बाद से ही रमेश फरार था। पुलिस से बचने के लिए वह लगातार नाम, हुलिया और ठिकाने बदलता रहा। फरारी के दौरान उसने पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बाड़मेर और सिरोही जिलों में एमडी ड्रग्स की कई फैक्ट्रियां स्थापित कीं। हाल के वर्षों में इन फैक्ट्रियों पर पुलिस ने छापेमारी भी की थी।
जांच में सामने आया है कि रमेश कुमार ने साल 2017 में महाराष्ट्र की जेल में बंद रहने के दौरान डॉ. बिरजू नामक व्यक्ति से एमडी ड्रग्स बनाने का फॉर्मूला सीखा। इसके बाद उसने पार्टनरशिप में ड्रग्स बनाने का अवैध धंधा शुरू किया। एक किलो एमडी ड्रग्स बनाने में करीब एक लाख रुपये का खर्च आता था, जिसे बाजार में 30 लाख रुपये तक बेचा जाता था। तैयार माल को वाहनों के जरिए गुजरात और महाराष्ट्र भेजा जाता और वहां से फुटकर में राजस्थान सप्लाई किया जाता था।
ड्रग्स के इस अवैध कारोबार से रमेश करोड़पति बन गया। उसने मार्बल फैक्ट्री, कार डेकोर की दुकान, कई प्लॉट, फार्महाउस और दुकानें खरीदीं। लग्जरी लाइफ जीने का शौकीन रमेश कोलकाता में दूसरे के नाम पर किराए का फ्लैट लेकर रहता था और खुद को केमिस्ट्री टीचर व केमिकल बिजनेसमैन बताता था। पकड़े जाने के डर से वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था और महीने में दो बार कोलकाता से पुणे हवाई यात्रा करता था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि पुलिस और ANTF के पीछे पड़ने के बाद रमेश ने अपने पाप धोने के लिए सभी 12 ज्योतिर्लिंगों और चार धामों की यात्रा कर डाली। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह धार्मिक यात्राओं के जरिए अपने किए अपराधों का प्रायश्चित कर रहा था। हाल ही में वह जगन्नाथपुरी से लौटा था और गंगासागर जाने की तैयारी में था।
ANTF अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और उसके पूरे ड्रग्स नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और सहयोगियों की जानकारी जुटाने में लगी है।


