जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर में पारंपरिक होली उत्सव पूरे उल्लास और भक्ति के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में विशेष झांकियां सजाई गईं और वातावरण भक्तिमय हो गया। सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर सबसे पहले ठाकुर श्रीजी को फूलों की होली अर्पित की गई। इसके बाद महंत अंजन गोस्वामी ने राजभोग झांकी में ठाकुर जी को गुलाल अर्पित कर आरती की।
होली के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु राधा-गोविंद के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर परिसर में चंग की थाप, पारंपरिक होली गीतों और जयकारों के बीच भक्त रंगों में सराबोर नजर आए। पिचकारी से पानी की बौछार की गई और गुलाल उड़ाकर उत्सव को यादगार बनाया गया। हरे, पीले और नीले रंगों में रंगे भक्तों ने हाथ उठाकर जयकारे लगाए और भगवान को होली की बधाई दी।
भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की। दर्शन प्रणाली देवउठनी एकादशी और दीपावली की तर्ज पर लागू की गई। श्रद्धालुओं का प्रवेश जलेब चौक से और निकासी जय निवास उद्यान से की गई। जूता-चप्पल रखने की सुविधा बंद रखी गई, जबकि दो अलग-अलग लाइनों से प्रवेश की व्यवस्था की गई।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से कीमती सामान न लाने, पानी की बोतल साथ रखने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं वाले लोगों को सावधानी बरतने की अपील की है। सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ रही और पूरा परिसर होली के रंग और भक्ति में डूबा नजर आया।


