नेपाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बालेन्द्र (बालेन) शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर इतिहास रच दिया। 35 वर्ष की उम्र में वे देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गए हैं। उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने हालिया चुनावों में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो-तिहाई बहुमत हासिल किया, जो नेपाल की राजनीति में एक बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है।
बालेन शाह ने शपथ ग्रहण के बाद अपने अनोखे अंदाज में जनता को संदेश दिया। उन्होंने रैप गाने के माध्यम से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई, सिस्टम में सुधार और युवाओं की भागीदारी को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई। उनका यह अंदाज खासतौर पर युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है और इसे नई राजनीति की पहचान के रूप में देखा जा रहा है।

बालेन शाह पहले काठमांडू के मेयर रह चुके हैं। पिछले साल दिसंबर में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देकर राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी का दामन थाम लिया था। उनका यह फैसला अब सफल साबित हुआ है। खास बात यह है कि वे मधेश क्षेत्र से आने वाले नेपाल के पहले प्रधानमंत्री बने हैं। यह क्षेत्र भारत की सीमा से सटा हुआ है और लंबे समय से राजनीतिक प्रतिनिधित्व और पहचान के मुद्दों को लेकर चर्चा में रहा है। ऐसे में बालेन का प्रधानमंत्री बनना राजनीतिक संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नई सरकार के गठन के साथ ही मंत्रिमंडल का विस्तार भी शुरू हो गया है। सुधन गुरुंग को गृह मंत्री बनाया गया है, जो देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, शिशिर खनाल को विदेश मंत्री का पद दिया गया है, जिनके कंधों पर नेपाल की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी।
नेपाल की राजनीति में आमतौर पर गठबंधन सरकारों का दौर रहा है, जहां विभिन्न दल मिलकर सरकार बनाते थे। लेकिन इस बार राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने अकेले ही बहुमत हासिल कर नई मिसाल कायम की है। पार्टी को 275 में से 182 सीटें मिली हैं, जो उसकी लोकप्रियता और जनता के विश्वास को दर्शाता है।
कार्यवाहक प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने भी नई सरकार से उम्मीद जताते हुए कहा कि देश का भविष्य अब युवाओं के हाथ में है और जनता को भ्रष्टाचार मुक्त शासन की आशा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बालेन शाह अपनी नीतियों और फैसलों से नेपाल को किस दिशा में ले जाते हैं।


