मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शासन सचिवालय में राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (राजीविका) की 21वीं कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने राजीविका द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण आजीविका सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्य योजना का विस्तृत अवलोकन किया गया, विशेष रूप से बजट घोषणाओं के अनुपालन में राजीविका द्वारा प्रारंभ की गई कार्यवाही की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अपेक्षित परिणाम सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय मॉडल की सूक्ष्म मॉनिटरिंग पर विशेष बल दिया।
मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के साथ व्यापक स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिये ताकि योजनाओं का समेकित और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में राजस्थान महिला निधि की उल्लेखनीय उपलब्धियों की सराहना करते हुए मुख्य सचिव ने बताया कि 850 करोड़ रूपये से अधिक के ऋण वितरण के बावजूद एनपीए 2% से कम रहना स्वयं सहायता समूह (एसएचजी)/ग्राम संगठन (वीओ)/क्लस्टर स्तरीय संघ (सीएलएफ) की महिलाओं के अनुशासन, प्रतिबद्धता एवं वित्तीय जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है।
महिला नेतृत्व आधारित आजीविकाओं के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्य सचिव ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों के लिए व्यापक बाजार संपर्क विकसित करने तथा उनकी दृश्यता बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके अंतर्गत आउटलेट्स, मॉल्स, पर्यटन स्थलों एवं अन्य अधिक आवागमन वाले स्थानों पर उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया।
मुख्य सचिव ने राजस्थान में 51 लाख महिलाओं के सशक्तीकरण हेतु राजीविका के प्रयासों की सराहना करते हुए “लखपति दीदी” पहल के अंतर्गत पहले से लाभान्वित महिलाओं के निरंतर मार्गदर्शन की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, लखपति दीदियों की संख्या बढ़ाने तथा “मिलियनेयर दीदी” के लक्ष्य की दिशा में कार्य करने के निर्देश भी प्रदान किए गए।


