नए साल से पहले ही रेलवे ने यात्रियों को एक और झटका दिया है। रेलवे ने साल खत्म होने से पहले दूसरी बार ट्रेनों के किराये में बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि यह बढ़ोतरी प्रति किलोमीटर महज एक से दो पैसे की है, लेकिन लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को अब 5 रुपए से लेकर 50 रुपए तक अतिरिक्त किराया देना होगा। जयपुर से चलने वाली लंबी दूरी की अधिकांश ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि साधारण श्रेणी यानी अनारक्षित कोच में 215 किलोमीटर तक की यात्रा पर किसी भी प्रकार की किराया वृद्धि नहीं की गई है। इसका मतलब यह है कि जयपुर से अजमेर, किशनगढ़, फुलेरा, सीकर, दौसा, बांदीकुई और अलवर जैसे नजदीकी स्टेशनों तक यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी और वे पुरानी दरों पर ही सफर कर सकेंगे।
जयपुर जंक्शन से प्रतिदिन करीब 115 ट्रेनों का संचालन होता है, जबकि कुल मिलाकर लगभग 264 ट्रेनें जयपुर से होकर गुजरती हैं। इनमें से 35 से 40 ट्रेनें जयपुर से ही शुरू या समाप्त होती हैं। जयपुर स्टेशन पर सालाना लगभग 4.27 करोड़ यात्रियों का आवागमन होता है, ऐसे में किराये में हुई यह बढ़ोतरी बड़ी संख्या में यात्रियों को प्रभावित करेगी।
रेलवे ने किराया प्रति किलोमीटर के हिसाब से बढ़ाया है। जब यह बढ़ा हुआ बेसिक किराया ट्रेन के गंतव्य तक जोड़ा जाएगा, तो उस पर रिजर्वेशन चार्ज, सुपरफास्ट चार्ज और जीएसटी भी जुड़ेगा। इसके बाद राउंड ऑफ नियम के चलते एक से दो रुपए की अतिरिक्त बढ़ोतरी भी हो सकती है।
रिजर्वेशन एक्सपर्ट नीरज चतुर्वेदी के अनुसार 251 किलोमीटर तक के स्टेशनों के लिए पुरानी दरें ही लागू रहेंगी। जयपुर मंडल के अलवर, बांदीकुई, दौसा, फुलेरा, किशनगढ़, नरैना, सीकर और फतेहपुर तक यात्रा करने वाले यात्रियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उपनगरीय ट्रेनों और मासिक सीजन टिकट के किराये में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में नॉन-एसी और एसी श्रेणी के किराये में दो पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि की गई है। 500 किलोमीटर तक की यात्रा पर करीब 10 रुपए अतिरिक्त देने होंगे। जयपुर मंडल से जुड़ी ट्रेनों में न्यूनतम बढ़ोतरी 5 रुपए और अधिकतम बढ़ोतरी 50 रुपए तक होगी, खासकर रामेश्वरम, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे दूरस्थ गंतव्यों के लिए। साधारण श्रेणी में लंबी दूरी की यात्रा पर 25 रुपए तक अधिक चुकाने पड़ेंगे।


