राजस्थान सरकार राज्य को ग्लोबल कम्पेटिटिविटी सेंटर बनाने की दिशा में 12 नई नीतियां लाने जा रही है। इनमें कृषि, एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, आईटी व एयरोस्पेस सेक्टर शामिल हैं। लक्ष्य है निवेश बढ़ाकर राज्य को रोजगार और विकास का केंद्र बनाना।
राजस्थान राजस्थान को ग्लोबल कम्पेटिटिविटी सेंटर के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारियां कर रही है। प्रदेश में कृषि एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, ग्रीन एनर्जी और एयरोस्पेस जैसे प्रमुख सेक्टर को शामिल करते हुए 12 नई पॉलिसीज लाई जाएंगी। सरकार का लक्ष्य है कि इन नई नीतियों के जरिए राज्य को वैश्विक निवेश और रोजगार का केंद्र बनाया जाए।नई पॉलिसियों के तहत ‘आत्मनिर्भर भारत ड्रिवेन मैन्युफैक्चरिंग’ पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
ड्रोन और एयरोस्पेस कल-पुर्जों के निर्माण को बढ़ावा देते हुए देश-विदेश की बड़ी कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करने की योजना है। साथ ही, एमआईएस और मशीनरी क्लस्टर पर फोकस कर राजस्थान को ग्लोबल कम्पेटिटिविटी सेंटर के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को अनेक रोजगार अवसर मिल सकें। इनमें से चार नीतियां उद्योग विभाग से जुड़ी हुई हैं। विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक इनमें कुछ नीतियों के प्रारूप कैबिनेट को भिजवाए जा चुके हैं। संभावना है कि नवंबर तक इन नीतियों का ऐलान हो जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य सरकार लगातार नई नीतियां लाकर सकारात्मक माहौल बना रही है, लेकिन इन नीतियों का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब उनकी सही मॉनिटरिंग, फीडबैक और मूल्यांकन प्रणाली सुनिश्चित की जाएगी।
प्रस्तावित 12 नई नीतियां —
- कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग नीति: किसानों की आय बढ़ाने और एग्रो-आधारित उद्योगों को बढ़ावा।
- नई औद्योगिक नीति: बड़े निवेश और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सशक्त करना।
- एविएशन एवं लॉजिस्टिक नीति: राजस्थान को एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस और ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना।
- ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति: मल्टीनैशनल कंपनियों के लिए राजस्थान को नया टेक और इनोवेशन हब बनाना।
- नई पर्यटन नीति: हेरिटेज, ईको और ग्रामीण पर्यटन को प्राथमिकता देकर पर्यटन को नए आयाम देना।
- ग्रीन ग्रोथ क्रेडिट नीति: सोलर, ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण अनुकूल उद्योगों को प्रोत्साहन।
- खेल नीति: नई खेल प्रतिभाओं के लिए अवसर और विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं का विकास।
- एफएमसीजी नीति: छोटे और मध्यम उद्योगों की भागीदारी से एफएमसीजी क्षेत्र को मजबूती देना।
- आईटी आउटसोर्सिंग और फॉरेस्ट नीति: ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और रोजगार बढ़ाना।
- ट्रेड प्रमोशन नीति: व्यापारिक गतिविधियों और विदेशी निवेश को प्रोत्साहन।
- सेमीकंडक्टर नीति: टेक्नोलॉजी और हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग निवेश के लिए आधार तैयार करना।
- ड्रोन एवं एयरोस्पेस नीति: एयरोस्पेस सेक्टर में निवेश बढ़ाकर राज्य को मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस हब बनाना।


