मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा है कि विपक्ष हमारी ताकत है और विपक्ष के सुझावों पर विचार किये जाना भी आवश्यक है। राजस्थान की विधान सभा अधिक दिनों तक और नियमों व परम्पराओं से चल रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को बनाने में अनेकों पीढियों का योगदान है। हम सभी का भी एक ही ध्येय होता है कि राजस्थान की जनता का भला किस प्रकार से किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पीकर वासुदेव देवनानी द्वारा विधान सभा में किये गये नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि विगत दो सालों में पुस्तकें लिखकर उन्होंने संसदीय परम्पराओं के प्रति लोगों की रूचि बढाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की जो परम्परा रही है वह बहुत ही ऐतिहासिक और संसदीय मूल्यों पर आधारित है।
मुख्यमंत्री को कॉन्स्टिटयूशन क्लब ऑफ राजस्थान में राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी द्वारा राजस्थान विधान सभा में किये गये नवाचारों पर आधारित पुस्तक ‘संसदीय संस्कृति का उत्कर्ष: नवाचारों के दो वर्ष’ और ‘सनातन संस्कृति की अटल दृष्टि’ के नवीन संस्करण कृति के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने दीपप्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारम्भ किया। उन्होंने स्पीकर वासुदेव देवनानी की दोनों पुस्तकों का अनावरण कर विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने वासुदेव देवनानी को उत्कर्ष्ट लेखन के लिए बधाई दी।
मुख्यमंत्री कहा कि यह समारोह लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय संस्कृति की सतत यात्रा का उत्सव है। नये प्रयासों ने राजस्थान विधान सभा को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएं तब ही सशक्त बनती है जब वे परम्पराओं और नवाचारों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए जन भागीदारी, पादर्शिता को केंद्र में रखकर कार्य करती है।

राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि राजस्थान विधान सभा का अमृत महोत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान विधान सभा में संसदीय व्यवस्था को मजबूती देने और संसदीय संस्कृति को उत्कर्ष बनाने के लिए अनेक नवाचार किये गये है। वासुदेव देवनानी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की आत्मा केवल चुनावों में ही नहीं बल्कि संसदीय उत्तरदायित्व में भी निहित होती है। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि राजस्थान विधान सभा के राजनैतिक आख्यान संग्रहालय को पचास हजार से अधिक लोगों ने देख लिया है। यह लोकतंत्र के प्रति आमजन की आस्था का परिचायक है।
वासुदेव देवनानी ने कहा कि राजस्थान विधान सभा में सेन्ट्रल हॉल का निर्माण किया जा रहा है। राज्य सरकार ने इसके लिए 14 करोड रूपये की राशि भी बजट में पारित कर दी है। श्री देवनानी ने राजस्थान विधान सभा के अमृत महोत्सव के लिए भी राज्य सरकार द्वारा बजट में राशि का प्रावधान किये जाने पर मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा का आभार ज्ञापित किया। वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधान सभा के नवाचारों में बजट की कोई कमी नहीं रखने का भी आश्वासन मुख्यमंत्री ने दिया है।
वासुदेव देवनानी ने कहा कि राजस्थान विधान सभा में संविधान गैलेरी, वन्दे मातरम की 150वीं जयन्ती पर वन्दे मातरम दीर्घा और कारगिल सौर्य वाटिका का निर्माण कर नवाचार किये गये है। उन्होंने कहा कि अब आने वाले समय में विधान सभा में कोई भी प्रश्नों के जवाब लम्बित नहीं रहेंगे। उनका प्रयास रहेगा कि जनहित के मुद्दों को हल करने के लिए विधायकगण द्वारा लगाये गये प्रश्नों के जवाब सत प्रतिशत मंगवाये जाए। स्पीकर देवनानी ने कहा कि विधान सभा सदन का आसन महत्वपूर्ण होता है। आसन पर बैठने के बाद वे अनुशासन और नियमों के प्रति कठोर हो जाते है। उन्होंने कहा कि सदन से किसी सदस्य को अनुशासनहीनता के मामले में जब सदन से बाहर कर दिया जाता है तो उनकी स्थिति उस मां की तरह भी हो जाती है, जिसका बच्चा जब तक भोजन नहीं कर लेता है तब तक वह दु:खी रहती है।
समारोह में राजस्थान विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि विधान सभा का सत्र शानदार रहा है। विधान सभा में ऐतिहासिक कार्य हुए है। राजस्थान विधान सभा के सदन में पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों सदस्यों को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि स्पीकर का संरक्षण ही प्रतिपक्ष को मजबूती प्रदान करता है। टीकाराम जूली ने कहा कि स्पीकर देवनानी की सेन्ट्रल हॉल निर्माण की सोच सराहनीय है। यहां पक्ष और प्रतिपक्ष के सदस्य बैठकर चर्चा कर सकेंगे और उन सभी में आपसी समन्वय की भावना भी प्रबल हो सकेगी।
संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि स्पीकर देवनानी ने दो वर्षों में विधान सभा में अनेक नवाचार किये है। विधान सभा संग्रहालय को देखने आने वालों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि विधान सभा से आमजन का जुडाव बढ रहा है। सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने आभार ज्ञापित किया। समारोह में मंत्रीमण्डल के सदस्यगण, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण, कुलगुरूगण, शिक्षाविद सहित गणमान्य लोग मौजूद थे।


