मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं में भविष्य की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए ताकि राजस्थान का हर शहर सस्टेनेबल और नागरिक-केन्द्रित विकास का नया मॉडल बन सके। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता के साथ ही निर्धारित समय-सीमा का भी पूरा ध्यान रखा जाए ताकि आमजन को इन सुविधाओं का लाभ समय पर मिल सके।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्रों में सड़क, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता, पेयजल एवं आवास संबंधी प्रगतिरत परियोजनाओं में तेजी लाते हुए शीघ्र पूरा किया जाए। साथ ही, शहरी क्षेत्रों में बस स्टैण्ड्स के निर्माण के लिए मॉडल बनाया जाए, जिसके अंतर्गत स्थानीय आवश्यकता के अनुसार विभिन्न श्रेणियों का निर्धारण किया जाए।
लंबित न्यायिक मामलों का हो निस्तारण, विभागीय स्तर पर करें पूरी तैयारी-
मुख्यमंत्री ने लंबित न्यायिक मामलों के निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि इनके त्वरित निस्तारण के लिए विभागीय स्तर पर पूरी तैयारी की जाए एवं इसमें विभाग की ओर से देरी होने पर जिम्मेदारी तय की जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने जयपुर शहर के मेट्रो फेज-2, विभिन्न फ्लाइओवर्स, आरयूबी एवं एलिवेटेड रोड के प्रगतिरत कार्यों के साथ ही विभिन्न शहरों के सड़क निर्माण कार्यों, सीवरेज लाईन, सीवरेज मास्टर प्लान एवं ड्रेनेज के कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने सीकर शहर में सुगम आवागमन एवं जल निकासी की व्यवस्था के लिए प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए।
इस अवसर पर नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, वित्त, नगरीय विकास व आवासन एवं स्वायत्त शासन विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।


