शासन सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं पंचायती राज (महिला एवं बाल विकास) विभाग, शासन सचिव पूनम ने शुक्रवार को सूचना केंद्र स्थित राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) हेल्पलाइन केंद्र का निरीक्षण कर विभाग से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की। शासन सचिव ने निरीक्षण के दौरान न केवल डैशबोर्ड के आंकड़ों का विश्लेषण किया, बल्कि विभिन्न जिलों से प्राप्त शिकायतों का गहन अध्ययन कर उनके तत्काल समाधान के निर्देश भी दिए।
शासन सचिव ने अधिकारियों को शिकायत निस्तारण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने इस दौरान सब्जेक्ट रिवीजन, लेवल मैपिंग एवं कैटेगरी निर्धारण की प्रक्रिया को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही यह भी निर्देशित किया कि निर्धारित प्रकरणों में काउंसलिंग के उपरांत आवश्यकतानुसार लीगल एक्शन हेतु संबंधित विभाग को स्वतः एस्केलेशन किया जाए, ताकि मामलों का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि घरेलू हिंसा के प्रत्येक परिवाद में संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ व्यवहार किया जाए। उन्होंने कैजुअल डिस्पोजल के मामलों को गंभीरता से लेते हुए ऐसे प्रकरणों में सख्त कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, संतोषजनक एवं तथ्यात्मक जवाब देना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के लिए कहा।
आरआईएसएल के महाप्रबंधक जी के शर्मा ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग एवं पंचायती राज (महिला एवं बाल विकास) विभाग के कुल 31,325 प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें से 30,213 (96.45%) का निस्तारण किया गया है। निस्तारित मामलों में संतुष्टि दर 71.95 प्रतिशत है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर


