स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल इन दिनों जयपुर में हैं और उन्होंने वर्ष 2025 के आखिरी दिन को बेहद खास अंदाज में बिताया। नववर्ष से पहले साइना ने अपनी मां ऊषा रानी के साथ जयपुर के प्रसिद्ध झालाना लेपर्ड रिजर्व में लेपर्ड सफारी की, जहां उन्हें रिजर्व के सबसे चर्चित मेल लेपर्ड ‘राणा’ की साइटिंग हुई। अरावली की पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच राणा की मौजूदगी ने साइना की सफारी को रोमांच और यादगार अनुभव में बदल दिया।
सफारी के दौरान साइना ने झालाना के जंगलों में स्थित प्राचीन कालक्या माता मंदिर में भी दर्शन किए। यह मंदिर ‘लेपर्ड वाली मां’ के नाम से भी जाना जाता है। साइना ने अपनी मां के साथ पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। मंदिर और जंगल की आध्यात्मिक शांति ने उनके मन को गहरा सुकून दिया।

झालाना लेपर्ड रिजर्व की प्रशंसा करते हुए साइना ने कहा कि शहर के बीच स्थित यह वन क्षेत्र किसी वरदान से कम नहीं है। यहां का शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता मन को शांति प्रदान करती है। ऐसे संरक्षित वन क्षेत्र न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि लोगों को वन्यजीवों के प्रति जागरूक और संवेदनशील भी बनाते हैं।
झालाना लेपर्ड रिजर्व के रेंजर जितेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि सफारी के दौरान साइना ने लेपर्ड के साथ-साथ अन्य वन्य जीवों और विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों को भी नजदीक से देखा। उन्होंने जंगल की जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन की जमकर सराहना की।

सफारी के बाद साइना नेहवाल ने जयपुर के ऐतिहासिक रामबाग पैलेस में अपनी मां ऊषा रानी के साथ नए साल की आखिरी शाम बिताई, जहां उन्होंने लजीज व्यंजनों का आनंद लिया। कुल मिलाकर, साइना नेहवाल की जयपुर यात्रा खेल, प्रकृति, वन्यजीव और आध्यात्मिक अनुभवों का एक खूबसूरत संगम बनकर सामने आई।


