सचिवालय प्रदेश की 8 करोड़ जनता की आशा और अपेक्षाओं का केंद्र,जन-विश्वास को और मजबूत करने वाला हो प्रत्येक प्रयास व नवाचार- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं और नीतियों को…
राजस्थान के जल भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल रामजल सेतु परियोजना- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी रामजल सेतु लिंक परियोजना…
‘सहकार से समृद्धि’ की मिसाल बना राजस्थान,राष्ट्रीय योजनाएं और नवाचार लागू करने में राजस्थान अव्वल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सहकारिता को साधन…
वर्षों पहले लगाए गए पौधे आज नई पीढ़ी को छाया, स्वच्छ वातावरण और सुकून दे रहे हैं – लोकसभा अध्यक्ष- कोटा के आरटीयू परिसर में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा जिले के राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू)…
तकनीक और नवाचार से कर चोरी पर लगाएं प्रभावी रोक, राजस्व संग्रह में बनी रहे रफ्तार: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राजस्व संग्रहण प्रदेश की उन्नति…
केन्द्रीय मंत्री ने कोटा के लिए की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की घोषणा,केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में देश ने सड़क विकास में रचा नया इतिहास – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि एक्सप्रेसवे…
बिजली आपूर्ति में आएगा बड़ा सुधार, उपभोक्ताओं को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण बिजली- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
राजस्थान देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जिसके साथ 128 देशों के…
राज्यपाल ने विभिन्न विषयों पर की चर्चा ,राज्यपाल की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे की बुधवार को राजधानी दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री…
केन्द्रीय गृहमंत्री की मौजूदगी में राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच नर्मदा अवार्ड के लंबित भुगतान के निपटारे पर ऐतिहासिक समझौता
भारत सरकार के मार्गदर्शन एवं पड़ोसी राज्यों के साथ आपसी समन्वय एवं सहयोग से राजस्थान द्वारा हाल ही में पार्वती–कालीसिंध एवं चम्बल नदियों के जल के बेहतर उपयोग के लिए एमपीकेसी परियोजना तथा हथिणीकुंड बैराज से राजस्थान के शेखावाटी अंचल में जल उपयोग को लेकर हाल ही में ऐतिहासिक समझौते हुए हैं, जिससे कि राज्य के अभावग्रस्त क्षेत्रों में जल उपयोग के साथ ही सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति का रास्ता खुला है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच नर्मदा अवार्ड के लंबित भुगतान के निपटारे पर ऐतिहासिक समझौता हुआ । राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नई दिल्ली में मंगलवार को महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता सरदार सरोवर परियोजना की निर्माण लागत में राज्यों की हिस्सेदारी से जुड़े लंबे समय से लंबित विवादों के अंतिम निपटारे (वन-टाइम सेटलमेंट) का मार्ग प्रशस्त करता है। मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र एवं राजस्थान द्वारा सहभागिता एवं सहकारी संवाद की भावना से वर्षों से लंबित नर्मदा नदी के लंबित मुद्दों का समाधान संभव हो पाया है। इस समझौते से नर्मदा नदी के जल का बेहतर उपयोग होगा। नर्मदा जल विवाद प्राधिकरण द्वारा वर्ष 1979 में अवार्ड के माध्यम से राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात एवं महाराष्ट्र के मध्य जल आवंटन किया गया था। इस अवार्ड के अंतर्गत क्लॉज IV/5 के प्रावधान के अनुसार कोई भी राज्य मानसून काल के दौरान उपलब्ध अधिशेष जल का उपयोग अपने राज्य में कर सकता है। यह अधिशेष जल उस राज्य के खाते में नहीं जोड़ा जाएगा। मानसून काल के दौरान प्राप्त होने वाले अधिशेष जल के भण्डारण हेतु वर्ष 2026–27 की बजट घोषणा के क्रम में डीपीआर तैयार करवाई जा रही है। इससे पश्चिमी राजस्थान के वंचित क्षेत्रों को पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का नई दिल्ली दौरा—6 केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर ऊर्जा, मेट्रो, जल परियोजनाओं, नवीकरणीय ऊर्जा और कृषि से जुड़े मुद्दों पर की विस्तृत चर्चा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान सोमवार देर रात…



