राजस्थान को देश का एक प्रमुख तकनीकी और औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव की उपस्थिति में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में राजस्थान के भीतर सेमीकंडक्टर इकाइयों की स्थापना, नए निवेश के अवसरों तथा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के चौतरफा विस्तार को लेकर विस्तृत और रणनीतिक चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘डिजिटल इंडिया’ के संकल्प को साकार करते हुए राजस्थान अब सेमीकंडक्टर, नवाचार (इन्नोवेशन) और उच्च निवेश के एक उभरते हुए हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। इस दिशा में सरकार की बड़ी सफलता का प्रमाण राज्य के भिवाड़ी में ₹1200 करोड़ की लागत से स्थापित होने वाली राजस्थान की पहली सेमीकंडक्टर इकाई है, जो राज्य में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के नए युग की शुरुआत करेगी।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि राज्य को नवाचारों और उन्नत तकनीकी उद्योगों का अग्रणी केंद्र बनाने के उद्देश्य से सरकार ने एक प्रगतिशील और दूरदर्शी ‘सेमीकंडक्टर नीति’ लागू की है। निवेशकों को आकर्षित करने और उनके कार्यों को सुगम बनाने के लिए राज्य में विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, पारदर्शी प्रणाली और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) पर आधारित एक सुरक्षित और निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। राज्य सरकार उद्योगपतियों और निवेशकों को हर आवश्यक सुविधाएं, संसाधन और सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है ताकि प्रदेश में उद्योगों का तेजी से विस्तार हो सके और स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा हों।


