राजस्थान में कड़ाके की ठंड के बाद अब मौसम ने करवट ली है और राज्य के कई हिस्सों में बारिश (मावठ) शुरू हो गई है। बुधवार रात से डीग में मौसम बदलने लगा और बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ। गुरुवार सुबह रिमझिम बारिश हुई और साथ ही घना कोहरा छा गया, जिससे विज़िबिलिटी 30 मीटर से भी कम रह गई। सीकर, कोटा, जैसलमेर, करौली, अलवर सहित कई जिलों में सुबह-सुबह कोहरे के कारण सड़क पर वाहन चलाना मुश्किल हो गया।
कोहरे का असर केवल सड़कों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ा। कई रेलगाड़ियों की आवाजाही एक से तीन घंटे लेट रही। इसके चलते यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रदेश के मौसम विशेषज्ञों ने चेताया है कि आने वाले 4-5 दिनों तक इसी तरह की सर्दी और कोहरे का दौर जारी रह सकता है।
प्रदेश में स्कूल भी इस मौसम से प्रभावित हुए। सर्दी के चलते 27 जिलों में गुरुवार को स्कूलों में छुट्टियाँ घोषित की गईं। जोधपुर में सरकारी और प्राइवेट स्कूलों का समय बदलकर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कर दिया गया है।
मौसम विभाग ने 23 जिलों में कोहरे और शीतलहर को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। सीकर, झुंझुनूं, जयपुर समेत 10 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट है, जबकि श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर और अन्य 13 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इस बीच भीलवाड़ा जिले के सदर थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात इनोवा कार और ट्रैक्टर के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस हादसे में कार सवार दो लोग और ट्रैक्टर चालक घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
राजस्थान में दिन में भी रात जैसी ठंड महसूस हो रही है। श्रीगंगानगर में दिन की सर्दी, चित्तौड़गढ़ और डूंगरपुर में रात के तापमान के समान रही। राजधानी जयपुर का तापमान भी शेखावाटी के फतेहपुर (सीकर), पिलानी (झुंझुनूं) और चूरू से अधिक ठंडा रहा।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य में लगातार ठंड और कोहरे का असर देखने को मिलेगा। लोगों को सड़क पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं, बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने की चेतावनी जारी की गई है।


